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गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर में आम जनता, छात्रों, किसानों को कोई परेशानी नहीं हो रही


नई दिल्ली गृह मंत्री का कहना है कि कश्मीर में हालात बिल्कुल सामान्य हैं। उन्होंने एनीसीपी सांसद माजिद मेमन के सवाल पर सदन में विस्तृत आंकड़ों के साथ दावा किया कि कश्मीर में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर है। वहां सभी स्कूल, अस्पताल, अदालत से लेकर सारे सरकारी दफ्तर सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। गृह मंत्री ने कहा कि इसी सदन में कहा गया था कि विशेष राज्य का दर्जा छिनने के बाद जम्मू-कश्मीर में खून की नदियां बहेंगी, लेकिन आज हमें यह बताने में आनंद हो रहा है कि 5 अगस्त के बाद से अब तक पुलिस फायरिंग में वहां एक भी नागरिक की जान न हीं गई है। गृह मंत्री ने कहा जहां तक बात इंटरनेट सर्विस की है तो वक्त आने पर यह बहाल हो जाएगी, फिलहाल आवश्यक कार्यों के लिए 10 जिलों में टर्मिनल्स काम कर रहे हैं। सदन में मेमन से पहले कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद और पीडीपी सांसद नजीर अहमद लवाय ने भी जम्मू-कश्मीर में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति पर सवाल किए। लवाय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दवाइयों की कमी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाएगी? इस पर गृह मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दवाइयों की कोई कमी नहीं है और वहां सभी अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं। गृह मंत्री ने बताया, श्दवाइयों की मोबाइल वैन का भी संचालन हो रहा है। श्रीनगर शहर के अस्पतालों के ओपीडी में सितंबर महीने में 60 लाख 67 हजार जबकि अक्टूबर महीने में 60 लाख 91 हजार मरीजों का इलाज हुआ।श् गृह मंत्री ने कहा कि अगर किसी को भी किसी इलाके में स्वास्थ्य सुविधा में कोई कमी का पता चलता है तो वह सीधे उन्हें (शाह को) बता सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी। गृह मंत्री के आश्वासन पर पीडीपी सांसद ने भी मेज थपथपाकर धन्यवाद दिया। वहीं, कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने जेऐंडके में शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त के बाद से स्कूल-कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति बेहद कम है। इंटरनेट नहीं चल रहा है और इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। इसके जवाब में शाह ने कहा, श्हम भी माननीय सदस्य की चिंता से सहमत हैं कि कश्मीर में इंटरनेट जल्द से जल्द पूरी तरह से बहाल हो। हालांकि, मैं याद दिलाना चाहूंगा कि 1995-96 में देश में मोबाइल फोन आया, लेकिन कश्मीर में इसकी शुरुआत 2003 में ही हो सकी। सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट बंद है। पाकिस्तान की ओर से सीमा पार से होनेवाली आतंकी घटनाओं और सुरक्षा कारणों से इंटरनेट पर पाबंदी की बात गृहमंत्री ने की। शाह ने राज्यसभा में कहा, श्सुरक्षा की कुछ चिंताएं हैं इस कारण इंटरनेट सुविधा बहाल नहीं की जा रही। स्थानीय प्रशासन की ओर से जब भी स्थिति अनुकूल होगी इंटरनेट सुविधा फिर से बहाल कर दी जाएगी। कश्मीर में स्कूलों की स्थिति पर गृहमंत्री ने कहा, श्20,411 स्कूल खुले हैं और सुचारू रूप से परीक्षा चल रही है। 11वीं के 99.48ः विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। 10वीं और 12वीं के भी 99.7ः विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है।श् उन्होंने विपक्ष के हालात कब तक सामान्य होंगे के सवाल पर कहा कि कश्मीर में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। पेट्रोल-डीजल की खपत में 16ः तक की वृद्धि दर्ज की गई है। सेब की फसल सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 5 अगस्त के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में काफी कमी आई है और इस दौरान किसी आम नागरिक के ऊपर गोली नहीं चली है। जवाब देते वक्त विपक्षी सांसदों की ओर से कई बार आपत्ति दर्ज की गई। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद को चैलेंज करते हुए अमित शाह ने कहा, श्मैं गुलाम नबी आजादजी को कहना चाहता हूं कि रेकॉर्ड के आधार पर वह आंकड़ों को चैलेंज करें। सत्य को झुठलाया नहीं जा सकता है। मैं सिर्फ यही कहना चाहूंगा कि जो स्थिति है, उसे भी समझें सिर्फ अपने मन में जो है उसे ही न मानें।श् दरअसल, जब शाह आंकड़े पेश कर रहे थे तब आजाद ने कहा कि लगता है किसी दूसरे राज्य के आंकड़े गृह मंत्री के हाथ लग गए हैं। इस पर सभापति वेंकैया नायडू ने भी कहा कि इस तरह टिप्पणी सही नहीं है।


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