• संवाददाता

बिहार में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है, अब तक 115 बच्चों की मौत


पटना बिहार में चमकी बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। अब तक सिर्फ मुजफ्फरपुर में अक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से 115 बच्चों की मौत हो चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक यहां दौरा कर चुके हैं लेकिन हालात अब भी काबू में नहीं है। इस बीच सूबे के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक प्रेस वार्ता में इस मुद्दे पर जवाब देने से सीधे मुकर गए। सुशील मोदी ने दो टूक कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बैंकिंग समितियों के बारे में है। इससे जुड़ा सवाल पूछेंगे तभी जवाब मिलेगा। बता दें कि पिछले कई दिनों से बिहार में एईएस के कारण लगातार बच्चों की मौत हो रही है। यह मामला अब केंद्र तक जा पहुंचा है और खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पिछले दिनों बिहार आना पड़ा। हालांकि इन सबके बीच भी संसाधनों की कमी बनी हुई है तीमारदारों का आरोप है कि बुखार से पीड़ित बच्चों को मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) से लौटाया जा रहा है। इधर, सूबे के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी प्रेस वार्ता में चमकी बुखार पर दिए बयान को लेकर अब विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, प्रेस वार्ता में जैसे ही पत्रकारों ने चमकी बुखार को लेकर उनसे सवाल पूछा तो मोदी ने कहा, 'मैंने पहले आपको बता दिया था कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ बैकिंग समिति से जुड़े मुद्दे के लिए है। इसके अलावा कोई विषय होगा तो उसके लिए अलग से प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे...आपको इसके बारे में पूछना है तो पूछिए ..नहीं तो इसे खत्म करें।' मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार कहे जाने वाले एईएस से लगातार हो रही मौत से व्यवस्था चरमरा गई है। इस वक्त मुजफ्फरपुर के एचकेएमसीएच में इस घातक बीमारी के सबसे ज्यादा मरीज भर्ती हैं। यहां 300 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पताल में पांव तक रखने की जगह नहीं मिल रही है। एक ही बेड पर तीन से चार बच्चों का इलाज चल रहा है। एचकेएमसीएच के सुपरिंटेंडेंट सुनील कुमार शाही ने बताया, 'अभी तक 372 बच्चे यहां भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 118 को डिस्चार्ज किया जा चुका है, 57 को जल्द ही डिस्चार्ज किया जाएगा।' वहीं बिहार सरकार का कहना है कि मुजफ्फरपुर में अक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम से मौत के पीछे बच्‍चों का अस्‍पताल देरी से पहुंचना है। बिहार के मुख्‍य सचिव ने दीपक कुमार ने बताया कि एसकेएमसीएच अस्‍पताल के 610 बेड को बढ़ाकर 2500 किया जाएगा। सीएम नीतीश कुमार ने अपने दौरे के बाद बच्‍चों के बेहतर इलाज के लिए कई निर्देश दिए हैं।


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