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कुछ घंटों में गुजरात पहुंचेगा चक्रवाती तूफान 'वायु', हालात पर PM मोदी की भी नजर


अहमदाबाद/नई दिल्ली अरब सागर से गुजरात की ओर बढ़े चक्रवाती तूफान 'वायु' का असर अभी से दिखने लगा है। कई तटीय इलाकों में धूल भरी आंधी और समंदर में ज्वार उठ रहा है। सोमनाथ मंदिर के आसपास आंधी आने की तस्वीरें भी आई हैं। आसमान में बादल छाए हुए हैं और तेज हवाएं व धूल भरी आंधी चलने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार गुजरात के हालात पर बराबर नजर रखे हुए हैं। आपको बता दें कि मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान गुरुवार सुबह गुजरात के पोरबंदर और कच्छ जैसे तटीय इलाकों से टकरा सकता है। पोरबंदर में चौपाटी बीच पर बुधवार शाम को तेज हवाएं चल रही हैं और समंदर में ऊंची लहरें भी उठ रही हैं। गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जानकारी दी है कि शाम 4 बजे तक कुल 1,64,090 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'केंद्र सरकार चक्रवाती तूफान वायु के कारण गुजरात और भारत के अन्य हिस्सों में पैदा हुए हालात की निगरानी कर रही है।' उन्होंने कहा कि मैं राज्य सरकारों के साथ लगातार संपर्क में हूं। NDRF और दूसरी एजेंसियां हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही हैं। एक अन्य ट्वीट में पीएम ने लिखा, 'चक्रवात वायु से लोगों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'सरकार और स्थानीय एजेंसियां रीयल टाइम सूचनाएं दे रही हैं, मैं प्रभावित इलाकों के लोगों से इसका पालन करने का अनुरोध करता हूं।' राज्य सरकार ने सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। फिलहाल चक्रवात ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ में तब्दील हो गया है और यह गुजरात के वेरावल तट के करीब 340 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। मौसम विभाग ने एक बयान जारी कर बताया कि यह वेरावल के निकट तट पर 13 जून की सुबह बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के तौर पर पहुंचेगा और इस दौरान 145 से 155 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। राज्य सरकार ने बताया कि चक्रवात से कच्छ, मोरबी, जामनगर, जूनागढ़, देवभूमि-द्वारका, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली, भावनगर और गिर-सोमनाथ जिले प्रभावित हो सकते हैं। इन 10 जिलों के निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। गुजरात सरकार ने कहा है कि प्रभावित लोगों को सरकारी इमारतों एवं गैर सरकारी संगठनों की इमारतों में शरण दी जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) पंकज कुमार ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया में NDRF की करीब 36 कंपनियां स्थानीय प्रशासन की मदद कर रही हैं। 10 जिलों में स्कूल, कॉलेजों और आंगनवाड़ियों में 12 और 13 जून को एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है। तटरक्षक, थलसेना, नौसेना, वायुसेना और सीमा सुरक्षा बल को हाई अलर्ट कर दिया गया है। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना ने गुजरात के तटवर्ती इलाकों में 10 टुकड़ियां तैनात की हैं। साथ ही 24 टुकड़ियों को तैयार रहने को कहा है और वे बचाव एवं राहत अभियान संचालित करने के लिए तैयार हैं। हर टुकड़ी में करीब 70 जवान हैं। चक्रवात ‘वायु’ के गुजरात तट की ओर बढ़ने के मद्देनजर ओडिशा सरकार ने राज्य सरकार को हर तरह की मदद की बुधवार को पेशकश की। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के मुख्य सचिव जे. एन. सिंह ने ओडिशा के अपने समकक्ष ए. पी. पाधी से फोन पर बात की और युद्ध-स्तर पर चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए ओडिशा से सलाह मांगी। पाधी ने यहां पत्रकारों को बताया, ‘गुजरात के मुख्य सचिव ने मुझे फोन किया था और चक्रवात के आने से पहले किए जाने वाले उपायों पर चर्चा की। हमने गुजरात को हर तरह की मदद की पेशकश की है। बहरहाल, गुजरात के मुख्य सचिव ने कहा है कि वे स्थिति को ध्यान में रखते हुए अगर जरूरत हुई तो और मदद लेंगे।’


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