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रेप और वसूली का आरोप रहे करण ओबेरॉय को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली बेल


रेप के आरोप में एक महीने से जेल की सलाखों के पीछे रहे टीवी ऐक्टर करण ओबेरॉय को इस मामले में बेल मिल चुकी है। दरअसल करण पर एक महिला ज्योतिष ने करण पर रेप और उनसे जबरन वसूली का आरोप लगाया था, जिसके बाद 6 मई को ओशिवरा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें बेल दी गई है। बेल की अर्जी की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि महिला पर 25 मई को हुए हमले की घटना उनकी अपनी ही रची साजिश थी, जिसमें उनके वकील भी शामिल थे। करण ओबेरॉय की फैमिली ने इस मामले में दिंडोशी कोर्ट में बेल की अर्जी दी थी, जिसे दोनों पक्षों की दलीलें सामने आने के बाद खारिज कर दिया गया था। इसके बाद करण की फैमिली ने बेल के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसकी सुनवाई आज थी। बता दें कि महिला ने करण पर रेप करने के अलावा रेप का विडियो बनाने और उस विडियो के जरिए अवैध वसूली करने का भी आरोप लगाया था। पीड़िता का कहना था कि करण ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर वह उनकी मांग नहीं मानती हैं तो वह इस विडियो को वायरल कर देंगे। कोर्ट ने करण को पुलिस हिरासत में भेज दिया था। इस मामले में अहम मोड़ तब आया जब 25 मई को खबर आई की आरोप लगाने वाली महिला पर मॉर्निंग वॉक के दौरान चार लड़कों ने हमला किया और केस वापस नहीं लेने पर उनपर एसिड अटैक की धमकी भी दी। पुलिस ने उन चारों हमलावरों को पकड़कर उनसे पूछताछ की, जिसमें से एक लड़के ने कुबूला कि महिला के वकील अली काशिफ खान के इशारे पर यह हमला हुआ है। इस घटना के बाद जब वकील की खोजबीन शुरू हुई तो पुलिस ने पाया कि वह अपनी फैमिली के साथ घर से कई दिनों से लापता थे। आखिरकार वकील ने पिछले दिनों 3 मई को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। हालांकि, अंधेरी कोर्ट से उन्हें बेल मिल गई। खान के वकील के. थॉमस ने कोर्ट में उनके तीन पेज के स्‍टेटमेंट को भी पेश किया जो पुलिस को सबमिट किया गया था। इसमें दावा किया गया कि वह निर्दोष हैं और उन्‍होंने महिला पर अपने कजन के ऊपर 'काला जादू' करने का आरोप लगाया जिसके बाद उसने वही किया, जैसा महिला से निर्देश मिला। हालांकि, खान पर आपराधिक साजिश रचने (सेक्‍शन 120(B) का चार्ज लगाया जा चुका है। रिपोर्ट की मानें तो यह भी कहा जा रहा था कि महिला का नाम एफआईआर में आरोपी के तौर पर शामिल किया जाएगा। उनके ऊपर साजिश करने के लिए आईपीसी की धारा 182 और 203 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस इस मामले में 34 वर्षीया महिला को अपने बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भी दे सकती है। आरोप का यह मामला पुराना है। अक्टूबर 2018 में बॉम्बे टाइम्स को पीड़िता ने बताया था, 'मैं करण से एक डेटिंग ऐप के जरिए टच में आई। शुरू में उन्होंने मुझसे मेरी कुछ सामान्य तस्वीरें मांगी, बाद में वह मुझसे न्यूड तस्वीरें मांगने लगे। अक्टूबर 2016 में हमारी मुलाकात हुई और पहली ही मुलाकात में हम काफी नजदीक आ गए। इसके बाद हम मिलते रहे और मैं करण पर पैसे खर्च करने लगी। मई 2017 में करण ने बताया कि उनका घर गिरवी रखा हुआ है। मैंने उन्हें मदद के लिए लाखों रुपये दिए। मैंने उन्हें घर के कई सामान भी खरीदकर दिए। बाद में करण के एक नजदीकी व्यक्ति ने मुझे बताया कि वह केवल मेरा इस्तेमाल कर रहे हैं। मैंने अपना दिया पैसा करण से वापस मांगा तो उन्होंने मना कर दिया। मुझे नहीं पता कि करण ने मेरी तस्वीरें और विडियो डिलीट किए भी हैं या नहीं।' करण ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा, 'शुरू में मैंने उनसे फ्लर्ट किया था लेकिन तब मैं सिंगल था। उस महिला ने मुझे बताया कि उसके पिता उसके साथ मारपीट करते थे और इसलिए मुझे उससे सहानुभूति थी। हमारे बीच कोई रिलेशनशिप नहीं थी और न ही हमारे बीच सेक्स हुआ। मैंने उन्हें हर जगह से ब्लॉक किया है। उन्होंने मुझसे कहा था कि वह मेरा घर संभालना चाहती हैं और यही मेरी सबसे बड़ी गलती थी। मुंबई में मेरे 2 घर हैं और उनमें से कोई भी गिरवी नहीं है। मैंने अपने घर का सामान खरीदने के लिए उन्हें पैसे भी दिए थे। उधार देने का उनका दावा गलत है। बाद में मैंने गार्ड से भी कह दिया कि यह महिला मेरे घर पर नहीं आनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने अपनी कलाई काट कर भी मुझे धमकी थी। मैंने कभी भी किसी महिला का अपमान नहीं किया है। लेकिन यह सामान्य नहीं है, यहां पर तो मैं ही पीड़ित हूं। मैं इस महिला के साथ किसी तरह की रिलेशनशिप में नहीं रहा हूं।'


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