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केंद्र के पत्र पर दिल्ली के CM ने लिखा, हमारी योजना आपसे 10 गुना बड़ी और व्यापक


नई दिल्ली दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने राज्य की हेल्थ स्कीम को बेहतर बताते हुए केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू करने से इनकार कर दिया है। दरअसल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने 3 जून को पत्र लिखकर दिल्ली सरकार से केंद्र सरकार की इस योजना को लागू करने को कहा था। इस पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य योजना में अंतर स्पष्ट करते हुए दिल्ली सरकार की योजना को आयुष्मान भारत से भी 10 गुना बड़ी और व्यापक बताया है। उन्होंने हर्षवर्धन को लिखे जवाब में कहा है कि दिल्ली सरकार की योजना में आयुष्मान योजना की सारी बातें तो हैं ही, दिल्लीवासियों के लिए ढेर सारी सुविधाएं भी हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी हेल्थ स्कीम को बेहतर बताते हुए तर्क रखा कि यूपी और हरियाणा दिल्ली से सटे राज्य हैं और वहां केंद्र की आयुष्मान भारत योजना लागू हैं फिर भी दोनों राज्यों से लाखों मरीज दिल्ली सरकार के अस्पतालों में इलाज करवाने आते हैं जबकि दिल्ली का शायद ही कोई नागरिक इन राज्यों में इलाज करवाने जाता होगा। उन्होंने पत्र में लिखा है कि इससे जाहिर है कि दिल्ली की स्वास्थ्य योजना अच्छी चल रही है। उन्होंने साफ कहा है कि दिल्ली में पहले से चल रही स्वास्थ्य योजना को बंद कर दूसरी योजना लागू करने से किसी का फायदा नहीं होगा। अगर दिल्ली स्वास्थ्य योजना को बंद कर आयुष्मान भारत को लागू किया गया तो लाखों दिल्लीवासियों का नुकसान हो जाएगा। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से कहा है, 'अगर आपकी (हर्षवर्धन) नजर में आयुष्मान भारत में कोई ऐसी बात है जो दिल्ली की स्वास्थ्य योजना में नहीं है तो कृपया बताइए। हम उन सभी अच्छी बातों को दिल्ली की योजना में शामिल कर लेंगे।' केजरीवाल ने अपने पत्र में बाकायदा केंद्र और राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं का अंतर भी स्पष्ट किया है। पहले तर्क में उन्होंने कहा कि केंद्र की योजना में दिल्ली की 10 फीसदी से भी कम आबादी लाभार्थी है पर राज्य सरकार की स्कीम में दिल्ली का हर व्यक्ति लाभार्थी है। दूसरे अंतर में उन्होंने बताया है कि आयुष्मान भारत में लाभार्थियों का केवल 5 लाख रुपये तक का इलाज होगा जबकि राज्य सरकार की स्कीम में लाभार्थियों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी चाहे वह 30 लाख रुपये ही क्यों न हो। उन्होंने लिखा है कि इलाज के खर्च की यहां कोई ऊपरी सीमा नहीं है। तीसरे प्रमुख अंतर में केजरीवाल ने कहा है कि केंद्र की स्कीम में लाभार्थी को 5 लाख रुपये तक का लाभ तब मिलेगा जब वह बीमारी की वजह से अस्पताल में भर्ती होगा। ओपीडी में आनेवाले मरीजों को दवाई और टेस्ट की सुविधा नहीं मिलेगी। वहीं, दिल्ली की स्कीम में राज्य के हर नागरिक का पूरा इलाज मुफ्त है। इसमें ओपीडी में आनेवाले मरीजों की दवाइयां और टेस्ट भी शामिल हैं।


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