• संवाददाता

चारा घोटालाः 16 दोषियों को 4 साल की जेल, रांची की विशेष अदालत ने सुनाया फैसला


रांची झारखंड की राजधानी रांची की एक विशेष अदालत ने बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाला मामले के 16 दोषियों को बुधवार को 4 साल जेल की सजा सुनाई है। दोषियों पर साल 1990 में चाईबासा कोषागार से धोखाधड़ी करके 37 करोड़ रुपये निकालने का आरोप है। इन पर 25 हजार रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव सहित 44 लोगों को साल 2013 में दोषी ठहराया गया था। बचाव पक्ष के वकील संजय कुमार ने बताया कि एसएन मिश्रा की अदालत ने आरसी 20ए/96 मामले के संबंध में दोषियों पर 25 हजार रुपये से लेकर 7 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया है। वकील ने बताया कि जिन लोगों को बुधवार को जेल की सजा सुनाई गई उनमें पूर्व कोषागार मैसेंजर और तकनीकी सहायक लाल मोहन गोपे, कोषागार के पूर्व लेखा सहायक भरत नारायण दास और कोषागार के पूर्व सहायक लेखाकार सहदेव प्रसाद शामिल हैं। जब इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ, उस वक्त सभी चाईबासा कोषागार के कर्मचारी थे। उन्होंने बताया कि बाकी लोग आपूर्तिकर्ता हैं। वकील ने बताया कि सीबीआई ने 20 लोगों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति फरार है जबकि तीन की मुकदमे के दौरान मौत हो गई। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद समेत कुल 44 आरोपियों को इस मामले में 30 सितंबर 2013 को दोषी ठहराया गया था। इसके बाद प्रसाद को चारा घोटालों के 3 अन्य मामलों में दोषी ठहराया गया था। इनमें से एक मामले में उन्हें अधिकतम 14 साल की जेल की सजा सुनाई गई। वह रांची में चारा घोटाले के 5वें मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। ये घोटाले 1990 में अविभाजित बिहार में किए गए थे।


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