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राहुल गांधी- सुप्रीम कोर्ट ने भी माना चौकीदार ने कराई चोरी


अमेठी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी संसदीय सीट अमेठी से नामांकन भरने के बाद राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि डील में करप्शन हुआ है। उन्होंने पीएम मोदी को खुली बहस की चुनौती दी। राहुल ने कहा कि एक बार पीएम मोदी उनसे 15 मिनट बहस कर लेंगे तो देश से भी आंख नहीं मिला पाएंगे। बता दें कि राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए राफेल मामले में रिव्यू पिटिशन पर नए दस्तावेज के आधार पर सुनवाई का आदेश दिया है। इसे केंद्र सरकार के लिए करारा झटका माना जा रहा है। राहुल ने नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी ने अभी टीवी इंटरव्यू में कहा कि राफेल मामले में उन्हें क्लीन चिट मिल गई है लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया।' उन्होंने कहा, 'चौकीदार जी ने देश का पैसा अनिल अंबानी को दे दिया। वह मुझसे 15 मिनट के लिए भ्रष्टाचार पर बहस कर लें, मैं तैयार हूं। वह जहां चाहे वहां बहस के लिए बुलाएं। वह एक बार मुझसे बहस कर लेंगे तो देश से आंख नहीं मिला पाएंगे।' बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय बेंच ने एक मत से दिए फैसले में कहा कि राफेल मामले में जो नए दस्तावेज डोमेन में आए हैं, उन आधारों पर मामले में रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई होगी। बेंच में सीजेआई के अलावा जस्टिस एस. के. कौल और जस्टिस के. एम. जोसेफ शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट अब रिव्यू पिटिशन पर सुनवाई के लिए नई तारीख तय करेगा। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि इससे संबंधित डिफेंस के जो दस्तावेज लीक हुए हैं, उस आधार पर रिव्यू पिटिशन की सुनवाई की जाएगी या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद विपक्षी पार्टियां भी केंद्र पर हमलावर हो गई हैं। कांग्रेस ने कहा कि इस मामले में सच सामने आकर रहेगा वहीं, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार को घेरा। इस बीच कांग्रेस पार्टी ने भी पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 100 झूठों के बाद भी आखिर सच सामने आ गया। नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से यह छिपाया था कि कैसे उसने राफेल के हर कंपोनेंट पर अधिक पैसे देने का फैसला लिया। बिचौलिया न होने और गलती होने पर दसॉ को सजा मिलेगी, वाले प्रावधान को हटाने का फैसला लिया। सार यह है कि जब भारत की ओर से डील की शर्तों के सारे कागजात अखबार में छप गए तो मोदी ने ऑफिशल सीक्रट ऐक्ट का हवाला देकर पत्रकारों को जेल भेजने की धमकी दे डाली। आज सच्चाई सामने आ गई। सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा कि ऑफिशल सीक्रट ऐक्ट का हवाला देकर कुछ छिपाया नहीं जा सकता। चौकीदार की चोरी के सबूत देश के सामने हैं।


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