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AAP से गठबंधन करें या नहीं? फोन पर कार्यकर्ताओं से राय ले रही कांग्रेस


नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार कांग्रेस के साथ राज्य में गठबंधन की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस की प्रदेश यूनिट इसके विरोध में है। ऐसे में अब पार्टी ने फैसला लिया है कि वह इस मुद्दे पर बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं की राय लेगी। पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछा जाएगा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन हो या नहीं। कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने बताया कि दिल्ली के कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको की आवाज में एक मेसेज रेकॉर्ड किया जाएगा और कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं से फोन पर आईवीआर के जरिए गठबंधन को लेकर राय मांगी जाएगी। इस बीच कांग्रेस की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने ऐसे किसी सर्वे की जानकारी न होने की बात कही है। शीला से जब चाको के इस सर्वे के बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह बात उनकी जानकारी में नहीं है। AAP नेता संजय सिंह ने कहा कि शीला दीक्षित के बयान से साफ है कि कांग्रेस गठबंधन को लेकर भ्रम की स्थिति में है। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन का बयान सामने आया है, जिसमें गठबंधन के मुद्दे पर कांग्रेस दोफाड़ दिखाई देती है। माकन ने कहा कि 52,000 कार्यकर्ताओं से शक्ति ऐप के जरिए सर्वे किया जा रहा है। इसकी निगरानी सीधे राहुल गांधी के पास है और इसका साफ अर्थ है कि उनके आदेश से ही यह सर्वे हो रहा है। सर्वे पर कोई सवाल उठाता है तो यह सीधे तौर पर राहुल गांधी पर सवाल है। माकन का यह इशारों में शीला दीक्षित की उस टिप्पणी पर हमले के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें सर्वे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के शक्ति प्रॉजेक्ट पर रजिस्टर्ड कांग्रेस के 52 हजार कार्यकर्ताओं से भी इस बारे में राय ली जाएगी। चाको ने कहा कि यह एक्सरसाइज बुधवार शाम से शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, 'मैंने दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष, वर्किंग प्रजिडेंट, पूर्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रमुख और जिलाध्यक्षों से बात की है। उनके विचार रेकॉर्ड किए गए हैं। अब हम कार्यकर्ताओं के विचार मांग रहे हैं।' चाको ने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता प्रदेश में बीजेपी को जीतने से रोकने की है। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य बीजेपी को हराना है। हम कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इस बारे में चर्चा कर रहे हैं कि बीजेपी को हराने की सबसे अच्छी रणनीति क्या होगी।' वहीं 'आप' का कहना है कि कांग्रेस पार्टी राज्य में उनके साथ गठबंधन न करने के बहाने खोज रही है। आप के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'पहले उन्होंने इस बात को नकार दिया कि वे आप के साथ किसी भी तरह की बातचीत कर रहे हैं। इसके बाद जब यह बात जनता के सामने आ गई तो उन्होंने प्रदेश यूनिट का नाम लेकर बचने की कोशिश की। अब वे बूथ लेवल कार्यकर्ताओं से राय लेने की बात कहकर गठबंधन न करने का बहाना ढूंढ रहे हैं। दरअसल कांग्रेस पार्टी वास्तव में बीजेपी के साथ गठबंधन कर रही है, ताकि गैर-बीजेपी वोट बंट जाएं।' यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस के बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं से किसी मुद्दे पर राय ली गई हो। सूत्रों का कहना है कि जब पार्टी नेता अजय माकन ने दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, तब भी इस तरह की एक्सरसाइज की गई थी। पार्टी ने मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के नाम का चुनाव करने से पहले भी पार्टी कार्यकर्ताओं से राय ली थी।


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