• संवाददाता

केरल से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टॉम वडक्कन केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में बीजेपी में


नई दिल्ली जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की वोटिंग की तारीख नजदीक आ रही है, राजनीतिक दलों में उठापटक जारी है। खासतौर पर कांग्रेस और टीएमसी जैसे दलों से बीजेपी में जाने की भगदड़ दिख रही है। गुरुवार को एक तरफ केरल में कांग्रेस के सीनियर लीडर और प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने बीजेपी का दामन थाम लिया तो दूसरी तरफ टीएमसी के विधायक अर्जन सिंह भगवा दल में आ गए। इससे पहले बुधवार को टीएमसी से निष्कासित सांसद अनुपम हाजरा भी बीजेपी में आ गए थे। हाजरा ने 2014 में बोलपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीता था। महाराष्ट्र में कांग्रेस के नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल के बेटे सुजॉय ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया था। इसके चलते प्रदेश कांग्रेस में ही उठापटक की स्थिति है और अन्य नेता विखे पाटिल पर इस्तीफे का दबाव बना रहे हैं। केरल के सीनियर लीडर टॉम वडक्कन ने कांग्रेस की नीतियों से परेशान होने की बात कहकर बीजेपी काम दामन थामा है। वह कांग्रेस के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। उन्हें सोनिया गांधी का करीबी भी माना जाता है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उन्हें बीजेपी में आधिकारिक रूप से शामिल कराया। बीजेपी में शामिल होने के साथ ही टॉम वडक्कन ने कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले किए। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे जिससे मैं दुखी हुआ। मैंने कांग्रेस को 20 साल सेवा दी लेकिन वहां यूज ऐंड थ्रो की नीति है।' उन्होंने कहा, 'मेरे पास विकल्प नहीं था। कांग्रेस ने सेना और पुलवामा हमले पर सवाल उठाए। देश के खिलाफ रुख अपनाया जिससे मैं आहत हुआ।' इन दिनों विपक्षी खेमे के नेताओं की बीजेपी में शामिल होने से भगदड़ जैसी स्थिति हो गई है। इससे पहले गुरुवार तृणमूल कांग्रेस के विधायक अर्जुन सिंह भी बीजेपी में शामिल हो गए है। इससे पहले कर्नाटक में कांग्रेस के पूर्व विधायक उमेश जाधव ने भी पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा सौंप दिया था। वहीं महाराष्‍ट्र कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष राधाकृष्‍ण विखे पाटील के बेटे सुजय विखे पाटील भी मंगलवार को बीजेपी में शामिल हो गए थे। सुजय ने कहा था, 'मैंने यह फैसला अपने पिता के खिलाफ लिया है। मुझे नहीं पता कि मेरे पैरंट्स इस फैसले का कितना समर्थन करेंगे, लेकिन बीजेपी के नेतृत्व में मैं अपना सबकुछ झोंक दूंगा ताकि मेरे माता-पिता गर्व महसूस कर सकें। सीएम (देवेंद्र फडणवीस) और बीजेपी विधायकों ने मेरे इस फैसले का पूरा समर्थन किया।' वहीं गुजरात में पिछले दिनों कांग्रेस के तीन विधायकों ने इस्तीफा दिया है। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की यहां बैठक से एक दिन पहले जामनगर (ग्रामीण) से विधायक वल्लभ धारविया ने पार्टी छोड़ दी थी और विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी को इस्तीफा सौंप दिया था। धारविया के इस्तीफे से पहले उनकी पार्टी के पूर्व सहयोगी परषोत्तम सबारिया ने 8 मार्च को ध्रांगधरा विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया था। 8 मार्च को माणवदर से कांग्रेस विधायक जवाहर चावड़ा ने भी विधानसभा से इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन की थी। गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक कांग्रेस के 5 विधायक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।


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