• संवाददाता

यूपी में कांग्रेस और शिवपाल यादव की पार्टी में गठबंधन के आसार, फाइनल राउंड की बातचीत जारी


लखनऊ लखनऊ में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एक नए गठबंधन के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी (एसपी) और बीएसपी के गठबंधन से दरकिनार होने के बाद कांग्रेस और शिवपाल यादव की पार्टी के बीच गठबंधन लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कांग्रेस की प्रचार समिति के मुखिया डॉ. संजय सिंह फाइनल कॉल के लिए शिवपाल यादव के आवास पर बातचीत के लिए जाएंगे। अगर सब कुछ तय हो गया है तो आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही गठबंधन का ऐलान भी हो सकता है। उधर, प्रियंका गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय भी आगे बढ़ा दिया है। अब प्रियंका और ज्योतिरादित्य सिंधिया की पीसी शाम 7 बजे होगी। बताया जा रहा है कि कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों का सिलसिला अभी पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय आगे बढ़ाया गया है। पहले ऐसी चर्चा थी कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवपाल भी शामिल हो सकते हैं। लेकिन फिलहाल चर्चा है कि शिवपाल गुरुवार को कांग्रेस दफ्तर नहीं जाएंगे। इसके पीछे वजह है कि शिवपाल की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (पीएसपीएल) 20 सीटों की मांग कर रही है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि एसपी से टिकट ना पाने वाले कार्यकर्ता भी अब कांग्रेस से लड़ सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवपाल के साथ जाने से कांग्रेस को ही फायदा होगा। शिवपाल की पार्टी ने प्रदेश में ठीक-ठाक टीम बना ली है। खासतौर मध्य यूपी की सीटों पर पार्टी का प्रभाव बढ़ा है। दूसरी ओर, कांग्रेस फिलहाल यूपी की 80 सीटों पर प्रत्याशी भी नहीं चुन पाई है। ऐसे में अगर एसपी के कार्यकर्ता कांग्रेस के टिकट से लड़ते हैं तो कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ना तय है। शिवपाल यादव पहले भी महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वह सेक्युलर पार्टियों के साथ गठबंधन की बात कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) प्रदेश में बहुत मजबूती के साथ उभर रही है और लोग उसका समर्थन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एसपी-बीएसपी के गठबंधन में जगह न मिलने के बाद से ही कांग्रेस लगातार शिवपाल की पार्टी पर नजर बनाए हुए थी। यह भी कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ लोकसभा की तैयारियों की समीक्षा बैठक के साथ-साथ वह छोटे दलों के साथ गठबंधन की संभावनाएं भी तलाश रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका के करीबी नेता, शिवपाल की पार्टी के नेताओं से लगातार संपर्क बनाए हुए थे।


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