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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड रखा


नई दिल्ली राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले साढ़े वर्षों का आंकड़ा रखा। केंद्र की आयुष्मान योजना से लेकर उज्ज्वला योजना और सामाजिक-आर्थिक न्याय के लिए सरकार के किए गए कार्यों का उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में देश के किसानों की खास तौर पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में देश का विकास दर 7.2% की दर से बढ़ी। कोविंद ने कहा कि नए भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं है। राष्ट्रपति ने इस साल पहली बार वोट डालने वाले लोगों को भी बधाई दी। लोकसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार का यह अंतिम बजट सत्र है। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में युवाओं, महिलाओं, तीन तलाक, जन-धन योजना, इसरो, सामाजिक और आर्थिक न्याय के लिए कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'उनकी सरकार ने देश में सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से लेकर 103वां संविधान संशोधन करके आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लिए कोटा देने का फैसला किया।' उन्होंने कहा, 'नागरिकता संशोधन विधेयक के जरिए प्रताड़ना के कारण दूसरे देशों से भारत आए लोगों को देश की नागरिकता देने का फैसला किया गया है। मुस्लिम बेटियों को डर एवं भय मुक्त कराने के लिए तीन तलाक बिल को संसद से पारित करवाने का लगातार प्रयास कर रही है। गरीबी के अभिशाप के कारण सामान्य वर्ग के जो लोग शिक्षा पाने से वंचित रह जाते थे उनके लिए जनरल कोटा लागू किया गया है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अबतक लाखों लोगों का फायदा मिला है। देश के गरीब लोग इस योजना का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में अबतक 600 जिलों में 4000 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने स्टंट की कीमतों में कमी की। मिशन इंद्रधनुष योजना के जरिए देशभर में टीकाकरण योजना की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार स्वास्थ्य से जुड़े योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। इसके अलावा 21 करोड़ लोगों को बीमा सुरक्षा योजना दिया गया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में किसानों का खास जिक्र था। कोविंद ने कहा कि किसान अर्थव्यवस्था का आधार हैं। उन्होंने कहा, 'उनकी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है। कृषि उपकरण और बीज खरीदने के लिए किसानों को सुविधा मुहैया कराई जा रही है। सरकार ने 22 फसलों के MSP को फसल की लागत से डेढ़ गुना करने का ऐतिहासिक फैसला किया। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती में मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यूरिया की 100 प्रतिशत नीम कोटिंग की गई है। कम प्रीमियम पर किसानों की फसलों का बीमा किया जा रहा है। फसलें बाजार तक पहुंचने तक खराब न हो और उसका सही तरीके से भंडारण हो सके उसके लिए देश में जगह-जगह कोल्ड स्टोरेज बनाया जा रहा है।' राष्ट्रपति कोविंद ने मोदी सरकार की उज्ज्वला योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना से करीब 6 करोड़ लोगों को फायदा मिला है और गरीब परिवारों को गैस सिलिंडर मिले हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देश के हर गांव में बिजली पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पूरे देश में बिजली पहुंचाने का संकल्प किया था, जो पूरा हो गया है। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के कामों को याद करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि पूर्व पीएम कामों को आगे बढ़ाते हुए दिव्यांग भाई-बहनों के लिए कई तरह के काम किए गए हैं। 12 लाख दिव्यांग जनों को सहायता उपकरण दिए गए हैं। सरकार हर वर्ग के लिए गंभीर है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में उनकी सरकार द्वारा युवाओं के लिए किए गए कामों का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'देश के युवा ही हमारी ताकत हैं। पीएम मुद्र योजना के तहत नौजवानों को बिना गारंटी के ऋण दिए गए। स्कॉलरशिप और फेलोशिप की राशि में वृद्धि किया गया। उच्च शिक्षा पर काफी ध्यान दिया गया। खेल इंडिया के तहत प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है और इसी का परिणाम है कि हमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक मिल रहे हैं।' राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने 1.16 लाख ग्राम पंचायतों को डिजिटल बनाया। इसके अलावा 40 हजार पंचायतो को वाई-फाई सुविधा से जोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बैंकिंग सुविधा का क्या हाल था, सबको पता था। उन्होंने कहा, 'मेरी सरकार ने जनधन खाते खोलकर गरीबों को उसका हक दिलाया। गरीबों को लिए बैंकिंग सुविधाओं को ठीक किया। जनधन खाते में 88 हजार करोड़ जमा रुपये इस मिशन की सफलता को बयां कर रही है। गरीबों और सरकार के बीच बिचौलियों की भूमिका जनधन ने खत्म कर दिया। कोविंद ने कहा कि पिछले साढ़े साल में उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। सरकार बनते ही सबसे पहले कालेधन के खिलाफ SIT का गठन किया गया। टैक्स हैवन समझे जाने वाले देशों के साथ नए सिरे से समझौते किए गए। कई देशों के साथ पुराने समझौते की कमियों को ठीक किया गया। देश के भीतर भी कालेधन पर करारा प्रहार किया गया। बेनामी संपत्ति कानून और मनी लांड्रिंग ऐक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई हुई। रियल इस्टेट में कालेधन के उपयोग में कमी आई जिसके कारण आम लोग कम कीमत में घर खरीद पाए। राष्ट्रपति ने कहा कि 2014 से पहले जहां टैक्स देने वालों की संख्या महज 3.8 करोड़ थी वहीं, अब यह संख्या 6.8 करोड़ हो गई है। लोग रिटर्न फाइल करने के लिए आगे आए हैं। उन्होंने कहा, 'करदाता को विश्वास है कि उनका पैसा ईमानदारी से खर्च हो रहा है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा, 'देश में ईमनादार और पारदर्शी व्यवस्था का निर्माण हो रहा है। देशभर में व्यापार करना आसान हुआ है। देशवासियों ने शुरुआती दिक्कतों के बावजूद, देश के लिए बहुत कम समय में एक नई प्रणाली को अपनाया। व्यापार जगत से मिले इनपुट के बाद इसमें सुधार भी किया है।' राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि देश अब मोबाइल फोन बनाने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। यह मेक इन इंडिया योजना का परिणाम है। रक्षा उपकरणों को बनाने के लिए उद्यम स्थापित किए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में इसरो और उसके वैज्ञानिकों को उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, 'इसरो के वैज्ञानिक, इंजिनियर सैटलाइट प्रक्षेपण में शानदार काम कर रहे हैं। मैं इसरो को मिशन गगनयान के लिए शुभकामना देता हूं।


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