• संवाददाता

हार के बावजूद खत्म नहीं हुआ बीजेपी का अहंकार, सहयोगी भी हैं दुखी: मायावती


लखनऊ नए साल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए इंटरव्यू के बाद बहुजन समाज पार्टी ने इस साक्षात्कार की कड़ी आलोचना की है। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को एक बयान जारी कर प्रधानमंत्री पर जनता के मुद्दों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही मायावती ने पीएम से गोवंश के संरक्षण के लिए केंद्र के स्तर पर एक कानून लागू कराने की मांग भी की। अपने बयान में मायावती ने कहा कि हार के बाद भी बीजेपी का अहंकार अब तक खत्म नहीं हुआ है और पार्टी के सहयोगी भी उससे नाराज हैं। बुधवार को बयान जारी कर में बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि प्रधानमंत्री का साक्षात्कार एकपक्षीय और पार्टी के साथ सरकार का पक्ष रखने तक ही सीमित है। बीजेपी अब भी यही मानकर चल रही है कि उसके हर एक फैसले से आम लोग खुश हैं और तालियां बजा रहे हैं। मायावती ने कहा कि बीजेपी का मानना है कि भले ही राजस्थान और एमपी में उसे हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन वोट प्रतिशत के मामले में बीजेपी-कांग्रेस के बीच कोई अंतर नहीं है।

'बीजेपी के अहंकार से दुखी हैं एनडीए के सहयोगी' मायावती ने कहा कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की यह सोच साबित करती है कि पार्टी का अहंकार अब भी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन लोकसभा चुनाव में हार के बाद यह अवश्य समाप्त हो जाएगा। एनडीए के तमाम दलों के गठबंधन छोड़ देने के बाद कुछ अन्य दल जोकि अब भी गठबंधन में शामिल हैं, वह बीजेपी के अहंकारी रवैये से बेहद नाराज हैं और देश की जनता भी बीजेपी से परेशान है।

'गोवंश संरक्षण के लिए कानून बनाए बीजेपी' वहीं योगी सरकार द्वारा गोवंश के संरक्षण के लिए आबकारी उत्पादों पर सेस लगाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा कि अगर बीजेपी और संघ की इस तरह की सोच से ही गोवंश का संरक्षण हो सकता है तो केंद्र को इस दिशा में एक राष्ट्रीय कानून बनाकर इस समस्या का समाधान कर देना चाहिए। बता दें कि इससे पहले मंगलवार को सीएम योगी के मंत्रिमंडल ने यह फैसला किया था कि यूपी सरकार हर ग्राम पंचायत में कम से कम 1000 क्षमता वाले गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण कराएगी। इन आश्रय स्थलों में रहने वाले मवेशियों के रख-रखाव के खर्च के लिए शराब पर दो प्रतिशत और यूपीडा के टोल टैक्स पर 0.5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा।


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