• संवाददाता

योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बुलंदशहर में हुई हिंसा एक बड़ी साजिश थी, जिसका पर्दाफाश हो चुका है


लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हाल ही में हुई बुलंदशहर हिंसा एक बड़ी साजिश थी, जिसका पर्दाफाश हो चुका है। सीएम योगी ने आरोप लगाया है कि साजिश वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने जहरीली शराब बनाकर लोगों को मारने का प्रयास किया था। बताते चलें कि बुलंदशहर हिंसा में एक पुलिस इन्स्पेक्टर और एक स्थानीय युवक की मौत हो गई थी। घटना की जांच चल रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बुधवार को अनुपूरक बजट पेश होने के बाद विधानसभा के सेंट्रल हाल में मीडिया से बातचीत में योगी ने कहा, 'बुलंदशहर की घटना एक साजिश थी, जिसका पर्दाफाश हो चुका है। साजिश वही लोग कर रहे हैं, जिन लोगों ने प्रदेश में जहरीली शराब बनाकर, यहां के लोगों को मारने का प्रयास किया था। यह राजनीतिक षड्यंत्र था और ये षड्यंत्र वही लोग करते हैं, जो कायर हैं और जो आमने-सामने किसी चुनौती को लेने की स्थिति में नहीं हैं।' योगी ने प्रशासन और सरकार की तारीफ करते हुए कहा, 'निर्दोष लोगों अपनी साजिश का शिकार बनाने की कोशिश कर रहे लोगों को प्रदेश सरकार कामयाब नहीं होने देगी। प्रशासन सख्ती के साथ निपटेगा और निपट रहा है। हमने कानून के दायरे में रहकर एक बड़ी साजिश को बेनकाब किया है। वे लोग दंगा कराना चाहते थे, गोकशी करके अराजकता फैलाना चाहते थे। एक बड़ी साजिश को बेनकाब करने के लिए प्रदेश सरकार की सराहना करनी चाहिए। जो लोग इसको लेकर बयानबाजी कर रहे हैं, वे अपनी विफलता छुपा रहे हैं।' यूपी के बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत 2 लोगों की हत्या के मामले में जांच की दिशा मोड़ने से नाखुश 83 रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने सीएम योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की है। पूर्व अधिकारियों ने खुला खत लिखकर इस्तीफा मांगा है। ये सभी अधिकारी 4 से 5 साल पहले रिटायर हुए हैं जिन्होंने योगी सरकार पर बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या की जांच के बजाय इसे गोकशी के आरोपियों की तरफ मोड़ने का आरोप लगाया है। इन सभी अधिकारियों का कहना है कि पुलिस हिंसा फैलाने के आरोपियों के बजाय गोकशी के आरोपियों को पकड़ने में जुटी है जबकि हिंसा के नामजद आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। उनका कहना है कि सरकार और खुद मुख्यमंत्री ने इसे सांप्रदायिक अजेंडे के तहत फैलाई गई हिंसा माना था और इस बारे में काफी विस्तार से चर्चा हुई थी। बावजूद इसके अब सारा फोकस गोकशी और इसके आरोपियों की तरफ शिफ्ट हो गया है। इस वजह से घटना की ठीक तरह से जांच नहीं हो पा रही है। पुलिस ने बताया कि अब सभी 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी बुलंदशहर प्रभाकर चौधरी ने बताया, 'सोमवार को विशाल त्यागी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया उसके बाद मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने उसे जेल भेज दिया है। विशाल के सरेंडर होने के बाद अब बुलंदशहर हिंसा के 18 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।' इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने नदीम, रईस और काला नाम के तीन लोगों को गोकशी के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि इन्हीं तीनों ने 1 दिसंबर की रात गोकशी की थी और 2 दिसंबर की रात महाव गांव में गोमांस फेंका था, जिसके बाद 3 दिसंबर को हिंसा भड़की थी। यह है घटना 3 दिसंबर को बुलंदशहर में गोकशी के आरोप के बाद हिंसा हुई थी। इस हिंसा में स्याना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सहित एक अन्य युवक की मौत हो गई थी। इस घटना पर पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस अब तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मंगलवार को वायरल विडियो के आधार पर भगवानपुर निवासी सचिन उर्फ कोबरा तथा चिंगरावठी निवासी जॉनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बजरंग दल का नेता योगेश राज अभी भी फरार है।


                                           KarmKasauti

                            Kanpur Uttar Pradesh

          Email: karmkasauti@gmail.com

   Copyright 2018. All Rights Reserved.