• संवाददाता

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को हाई कोर्ट ने 1984 सिख दंगों का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा


नई दिल्ली सिख विरोधी दंगों में दोषी करार दिए जाने के बाद मिली उम्रकैद की सजा के बाद भी सज्जन कुमार की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। एसआईटी 3 और महत्वपूर्ण मामलों में कुमार के खिलाफ जांच कर रही है। सज्जन पर दर्ज तीन मामलों में हत्या, हत्या की कोशिश और दंगे भड़काने व 3 पुलिस स्टेशनों- जनकपुरी, विकासपुरी और सरस्वती विहार को जलाने जैसे आरोप हैं। इन मामलों में एसआईटी जांच अंतिम चरण में है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पेशल जांच टीम का गठन किया है। बता दें कि सिख दंगों में दोषी ठहराए जाने के बाद सज्जन कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिख पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, एफआईआर में जिक्र है कि सज्जन के इशारे के बाद भीड़ उस घर में घुस गई और जमकर लूटपाट की और कुछ लोगों को बेरहमी से पीटा गया। एक दूसरी शिकायत में जिक्र है कि एक दिन पहले दंगे में घायल हुए लोगों को जब रिक्शे से अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब भी जनकपुरी कांग्रेस दफ्तर के बाहर उन्हें बेरहमी से पीटा गया। इस घटना में दो लोगों की तत्काल मौत हो गई। सरस्वती विहार केस में कुछ गवाहों के बयान बदलने के कारण जांच अभी आगे नहीं बढ़ पाई है। विकासपुरी और जनकपुरी में गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट की जांच की गई है। इसके साथ ही एक ही शख्स के द्वारा की गई कई शिकायतों को मिलाकर एक एफआईआर तैयार की जा रही है, ताकि केसों की संख्या कम हो सके। जगदीश टाइटलर के खिलाफ 3 केस में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। सीबीआई ने इसके बाद टाइटलर, कुमार और अभिषेक वर्मा के लाइ डिटेक्टर टेस्ट की मांग की थी, जिसमें अभी तक सिर्फ वर्मा ने ही यह टेस्ट करवाया है।


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