• संवाददाता

150 मीटर तक रेंगते हुए भागे मीडिया पर्सन, नक्सली हमले को बयां करते वक्त रो पड़े एसपी


दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों से पहले राज्य के दंतेवाड़ा के अरनपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने मंगलवार को घात लगाकर हमला कर दिया। कैसे मीडियाकर्मियों को नक्सलियों ने निशाना बनाया, क्यों नक्सली पुलिस के नहीं बल्कि पत्रकारों की जान के दुश्मन बन गए, आखिर मीडियावालों से नक्सलियों ने क्यों अदावत ठान ली...इन तमाम सवालों के जवाब देते वक्त घटना को याद करते हुए एसपी दंतेवाड़ा अभिषेक पल्लव अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। उन्होंने रोते हुए पूरी घटना कैमरे के सामने रखी। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि दंतेवाड़ा जिले के अंतर्गत अरनपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने पुलिस दल पर हमला कर दिया। इस हमले में छत्तीसगढ़ पुलिस के एक उपनिरीक्षक रुद्र प्रताप सिंह और एक सहायक आरक्षक मंगलु शहीद हो गए। नक्सली हमले में दिल्ली दूरदर्शन के कैमरामैन अच्युतानंद साहू की भी मौत हो गई और दो पुलिसकर्मी आरक्षक विष्णु नेताम और सहायक आरक्षक राकेश कौशल घायल हो गए। दूरदर्शन के दो अन्य मीडियाकर्मी सुरक्षित हैं।

पचास से सौ राउंड फायर किए, कॉन्स्टेबल ने धक्का देकर बचाई जान घटना के बाद दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने भावुक होते हुए बताया, 'उन्हें गाड़ियों में ले जाना पॉसिबल नहीं था तो हमने ऐम्बुलेंस का वेट किया। फिर हमने ऐम्बुलेंस से उन्हें भेजा। हमारे दो हथियार लुटे थे उन्हें रिकवर किया गया। दो नक्सलियों को भी गोली लगी, वह भी आसपास होंगे। मीडिया की 6 टीमें इस गांव को देख चुकी हैं। गांववालों ने दिल खोल के मीडियावालों से बात की। गांववाले जब नक्सलियों की नहीं सुन रहे थे तो सीआरपीएफ को टारगेट किया। आज जब फायरिंग शुरू हुई तो उन्होंने पुलिस को नहीं बल्कि मीडियाकर्मियों को निशाना बनाया। एक पॉइंट पर आकर उन्होंने मारा और कैमरा ले लिया। दो मीडियाकर्मी 150 मीटर रेंगते हुए भागे हैं। उनके ऊपर पचास से सौ राउंड फायर किए हैं। कॉन्स्टेबल ने यदि धक्का नहीं दिया होता तो दोनों मीडियाकर्मी मारे गए होते।'

'10 दिनों से की जा रही थी ग्रामीणों की पिटाई' दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने यह भी बताया, 'यहां पर पिछले 15 दिनों से देशभर की मीडिया आ रहे थे। ये अकेले तीन-चार गांव जहां पर अंदर तक जाकर वहां जान रहे थे कि लोग क्या सोचते हैं, उनकी पुलिस और प्रशासन के बारे में क्या राय है। कैसे वह विकास चाहते हैं? रिकॉर्डिंग के वक्त आज रोड पर एक बाइकवाला जा रहा था, वह बता रहा था कि कैसे स्कूल में रोज टीचर पहुंचता है, ऐम्बुलेंस पहुंचती है। 10 दिनों से लगातार गांववालों की पिटाई की गई लेकिन ग्रामीण सड़क को काटने को राजी नहीं हुए।'

चुनाव संबंधी कवरेज के लिए गया था दल अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को अरनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नीलावाया गांव के लिए पुलिस दल मोटरसाइकिल से रवाना हुआ था। इस दौरान दूरदर्शन का एक दल भी क्षेत्र में चुनाव संबंधी कवरेज के लिए गया था। जब पुलिस दल गांव के करीब था तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस घटना में दो पुलिसकर्मी और कैमरामैन की मृत्यु हो गई। वहीं दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि नक्सलियों की गोलीबारी के बाद पुलिस दल ने भी जवाबी कार्रवाई की तब कुछ देर बाद नक्सली वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए तथा समेली स्थित सुरक्षा बल के शिविर से अतिरिक्त पुलिस दल रवाना किया गया है। क्षेत्र में सीआरपीएफ, डीआरजी और एसटीएफ के दलों ने नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

घटना स्थल पर मिले ऐसे पोस्टर दंतेवाड़ा में जिस जगह पर नक्सलियों ने दो पुलिसकर्मियों और दूरदर्शन के एक कैमरामैन की हत्या कर दी थी, वहां पर पोस्टर लगाया गया है कि गांवों पर पुलिस हमला, जनता पर फर्जी मुठभेड़, महिलाओं पर अत्याचार बंद करो। इसके साथ ही नीचे सीपीआई माओवादी, दरभा डिविजन कमिटी लिखा हुआ है।

नक्सलियों ने उड़ा दिया था बुलेट प्रूफ बंकर नक्सली घटना के बाद अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों और शवों को घटनास्थल से बाहर निकाला गया है। घायलों को दंतेवाड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के आवापल्ली में नक्सलियों ने इस महीने की 27 तारीख को बुलेट प्रूफ बंकर को बारूदी सुरंग से उड़ा दिया था। इस घटना में सीआरपीएफ के 168वीं बटालियन के चार जवान शहीद हो गए थे। 28 तारीख को नक्सलियों ने दंतेवाड़ा जिले के पालनार गांव में जिला पंचायत के सदस्य तथा बीजेपी नेता नंदलाल मुड़यामी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में दो चरणों में मतदान होना है। राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले के 18 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा। 72 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा और वोटों की गिनती 11 दिसंबर को की जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस दल को क्षेत्र में तैनात किया गया है।


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