• संवाददाता

उपेंद्र कुशवाहा ने सीटों को लेकर बीजेपी को चेताया, जेडीयू ने राम मंदिर


नई दिल्ली बिहार में कुछ दिनों की शांति के बाद एक बार सियासी घमासान तेज होने के आसार हैं। गुरुवार को एक साथ अलग-अलग मुद्दे पर बीजेपी को उसके सहयोगी दलों ने ही चेताया कि वे अपनी शर्तों के साथ ही रहेंगे। आपको बता दें कि राज्य की 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर पिछले कुछ दिनों से एनडीए के घटक दलों में खींचतान चल रही है। हालांकि बाद में बीजेपी और जेडीयू ने कहा था कि सम्मानजनक तरीके से सबकुछ तय हो गया है।

राम मंदिर के मुद्दे पर जेडीयू ने चेताया गुरुवार को आरएसएस चीफ मोहन भागवत के जल्द मंदिर बनाने के लिए कानून बनाने के बयान पर जेडीयू ने कहा कि वह इसके खिलाफ है। भागवत के बयान के बाद आरजेडी और कांग्रेस के बयान के आने से पहले ही जेडीयू ने इस मामले में कड़ा स्टैंड लेते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बाहर राम मंदिर कानून बनाने की किसी पहल के जेडीयू खिलाफ है। पार्टी नेता केसी त्यागी ने कहा कि जब जेडीयू एनडीए का हिस्सा बनी थी तब साफ तय हुआ था कि सरकार के अंदर इन अजेंडों पर नहीं चला जाएगा। ऐसे में राम मंदिर पर फैसला सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दिया जाना चाहिए।

राम मंदिर से जुड़ा कानून अगर सरकार लाती है तो क्या जेडीयू एनडीए का हिस्सा बनी रहेगी या नहीं? इस सवाल पर केसी त्यागी ने कहा कि अभी ऐसी स्थिति नहीं है लेकिन यह तय है कि वह ऐसी पहल के खिलाफ रहेंगे। राम मंदिर पर जेडीयू ने यह स्टैंड ऐसे समय में लिया है जब एक दिन पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी अपरोक्ष रूप से चेतावनी दी थी कि वे गठबंधन की मजबूरी में इन चीजों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।

2014 के फॉर्म्युले पर कुशवाहा का जोर एनडीए के सहयोगी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने बीजेपी से कहा कि वह 2014 के मुकाबले एक भी सीट कम नहीं लेगी। पार्टी सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को बिहार से बीजेपी के प्रभारी भूपेंद्र यादव से मीटिंग की जिसमें सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार उपेंद्र कुशवाहा ने तीन सीट से कम समझौता नहीं करने के संकेत दिए। आपको बता दें कि 2014 में पार्टी तीन सीटों पर चुनाव लड़ी थी और तीनों पर जीत हासिल करने में सफल रही थी। वहीं, बीजेपी सूत्रों के अनुसार वह सहयोगी दलों के इन दबावों पर जल्दी में कोई प्रतिक्रिया नहीं देगी। पार्टी को लगता है कि सीटों में ज्यादा हिस्सेदारी के लिए अलग-अलग तरीके से दबाव बनाया जा रहा है।


1 व्यू

                                           KarmKasauti

                            Kanpur Uttar Pradesh

          Email: karmkasauti@gmail.com

   Copyright 2018. All Rights Reserved.