• संवाददाता

कहीं टेरर फंडिंग का नया मॉड्यूल तो नहीं, लश्कर के पैसे से मस्जिद? NIA कर रहा जांच


नई दिल्ली पलवल के उटावड़ गांव में कथित तौर पर लश्कर-ए-तैयबा के पैसे मस्जिद बनाए जाने के मामले में एक बड़ी साजिश का ऐंगल दिख रहा है। इस ममले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FII) के टेरर फंडिंग मॉड्यूल की जांच कर रही है। FII ने कथित तौर पर मस्जिद के निर्माण के लिए पैसे दिए थे। एक बड़ी आशंका यह भी खड़ी हो गई है कि इसी मॉड्यूल पर पूरे देश में एक बड़े नेटवर्क की मदद से टेरर फंडिंग तो नहीं की जा रही है। एनआईए इस दिशा में भी जांच कर रही है। एनआईए यह भी जांच कर रही है कि कहीं दूसरे भारतीय जो दुबई जा रहे हैं या वहां काम कर रहे हैं, किसी ऐसे पाकिस्तानी के संपर्क में तो नहीं हैं जो FIF के लिए काम तो नहीं कर रहा। इसकी जांच की जा रही है कि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कहीं FIF इस रास्ते तो टेरर फंडिंग नहीं करा रहा। उटावड़ मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद सलमान दुबई की अपनी दो यात्राओं के दौरान पाकिस्तानी बिजनसमैन कामरान के संपर्क में आया था। कामरान FIF के डेप्युटी चीफ के संपर्क में था। यह शख्स लश्कर-ए-तैयबा के चीफ हाफिज सईद का सहयोगी था, जो हवाला के जरिये भारत में टेरर फंड भेज रहा था। सलमान के अलावा एनआईए ने 25 सितंबर को दिल्ली में दो और हवाला कूरियर्स, मोहम्मद सलीम और सज्जाद अब्दुल वानी को गिरफ्तार किया था। सलीम दिल्ली के दरियागंज का और वानी श्रीनगर का रहने वाला था। श्रीनगर में वानी के घर पर रेड भी मारी गई। पूछताछ में वानी ने बताया कि वह किसी हिलाल अहमद के लिए फंड लेकर आया था। इसके बाद एनआईए ने लाजपत नगर में हिलाल के ऑफिस और आवास पर छापा मारकर 18 लाख रुपये कैश,6 मोबाइल फोन, सिम और कुछ संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए थे। वहीं सलमान ने पूछताछ में बताया कि FIF से मिले फंड का इस्तेमाल कर उसने उटावड़ में मस्जिद बनाने के लिए किया। एनआईए ने बाद में मस्जिद में सर्च कर वे डॉक्युमेंट निकाले जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि करीब 2 से ढाई करोड़ में से 70 लाख रुपये मस्जिद बनाने में इस्तेमाल हुए। FIF से यह पैसा हवाला रूट के जरिए आया था। इसकी मॉडस ऑपरेंडी स्पष्ट थी। कामरान ने FIF के फंड को हवाला के जरिए भारत पहुंचाने के लिए सलमान को तैयार किया। जांच कर रही टीम के एक सदस्य ने बताया कि अब इसका पता लगाया जा रहा है कि भारत में ऐसा ही कोई दूसरा शख्स तो इस तरह की गतिविधियों में नहीं लगा हुआ है। एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने 25 सितंबर को दरियागंज, निजामुद्दीन और कूचा घासीराम समेत कई जगहों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 1.5 करोड़ रुयपे कैश, 43 हजार रुपये की नेपाली करंसी, 14 मोबाइल फोन, 5 पेन ड्राइव और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि एनआईए इन दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। आपको बता दें कि एनआईए की जांच में कहा गया है कि हरियाणा के पलवल में स्थित एक मस्जिद के निर्माण के लिए लश्कर-ए-तैयबा ने फंड जारी किया था। यह मस्जिद पलवल जिले के उत्तावर गांव में है जिसका नाम खुलाफा-ए-रशीदीन है। हालांकि, गांव के प्रधान ने जांच रिपोर्ट को नकारा है।


1 व्यू

                                           KarmKasauti

                            Kanpur Uttar Pradesh

          Email: karmkasauti@gmail.com

   Copyright 2018. All Rights Reserved.