• संवाददाता

पुलिस जांच में झूठा पाया गया पहलू खान लिंचिंग मामले के गवाहों पर फायरिंग का मामला


जयपुर राजस्थान पुलिस ने बुधवार को दावा किया कि पहलू खान भीड़ हत्या प्रकरण के गवाहों पर गोलीबारी के मामले में कोई सबूत नहीं मिला। इसके साथ ही उसने शिकायत को फर्जी करार दिया। गत शनिवार को पहलू खान भीड़ हत्या मामले के कुछ गवाहों ने आरोप लगाया था कि जब वे अलवर के बहरोड कस्बे में एक अदालत में गवाही देने जा रहे थे तो कुछ अज्ञात लोगों ने उनपर गोलीबारी की। बहरोड के सर्किल अधिकारी कुशाल सिंह ने बुधवार को बताया कि गवाहों पर फायरिंग की कोई घटना घटित नहीं हुई और शिकायत झूठी निकली। सीसीटीवी फुटेज में ऐसा कोई वाहन नहीं दिखाई दिया, जिसका उल्लेख शिकायत में किया गया है और गोलीबारी का कोई परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कथित घटना की शिकायत सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई थी, लेकिन उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना नहीं दी। शिकायतकर्ता पास के थाने में जाने की बजाय पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए, जिसके चलते संदेह पैदा हुआ। मृतक पहलू खान के पुत्र इरशाद खान ने मामले की शिकायत नीमराणा पुलिस थाना में दर्ज करवाई थी। सिंह ने बताया कि पुलिस इस संबंध में एक रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी और शिकायतकर्ता के विरुद्ध झूठी शिकायत दर्ज करवाने के लिये कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीते शनिवार को मृतक पहलू खान के पुत्र इरशाद और आरिफ सहित 6 लोग और उनके वकील बहरोड की एक अदालत में भीड़ हत्या मामले में गवाही देने जा रहे थे, तभी एक बिना नंबर प्लेट वाली एसयूवी में सवार अज्ञात लोगों ने कथित रूप से उन पर गोली चलाई और भाग गए। उल्लेखनीय है कि पिछले साल एक अप्रैल को अलवर में कुछ कथित गो रक्षकों ने पहलू खान और उसके दो बेटों के साथ मारपीट की थी। पहलू खान की बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी।


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