• संवाददाता

विश्व अर्थव्यवस्था में पांचवें स्थान की ओर अग्रसर भारत : राजनाथ सिंह


कानपुर | देश की अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार में तीन पायदान ऊपर उठ चुकी है। जिसके चलते आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की अर्थव्यवस्था में छठे पायदान पर पहुंच चुकी है। यहीं नहीं 8.2 फीसदी जीडीपी के साथ भारत बहुत तेजी से दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत का लोहा विश्व समुदाय मानने लगा है। जिससे संभावना है कि आने वाले दिनों में भारत एक बार फिर विश्व गुरू बन सकेगा। यह बातें देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कानपुर में दीक्षांत समारोह के दौरान कहीं। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह में शिरकत करने कानपुर पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यापाल राम नाइक और उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा के साथ प्रशासनिक भवन के सामने 166 फीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज को फहराया। यह तिरंगा झण्डा उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पहला तिरंगा झण्डा है जिसकी उंचाई 166 फीट है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर किये गए आत्मघाती हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हवाई जहाज चलाने वाले पायलटों की भी अच्छी खासी डिग्री थी। यहीं नहीं उनको वहां पर बड़ा पैकेज हासिल हो रहा था लेकिन आज ही के दिन यानी 11 सितम्बर को न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को जहाज से टकराकर हजारों लोगों की जिंदगी ले लेने का काम किये। क्योंकि उनके पास सब कुछ होने के बावजूद ज्ञान और संस्कार नहीं था। गृहमंत्री ने वर्ल्ड इज ब्लैक नामक पुस्तक का जिक्र करते हुए कहा कि उस पुस्तक का शीर्षक था इंफोसिस वर्सेस अलकायदा। पुस्तक के माध्यम से लेखक ने यह बताया था कि दोनों में काम करने वाले लोगों में समानता है। इंफोसिस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाले भी नौजवान है और अलकायदा जो आतंकवादी संगठन है उसमे काम करने वाले भी नौजवान है। इन्फोसिस में काम करने वाले लोगों ने अच्छी खासी पढाई की है और अलकायदा में काम करने वाले भी पढ़े लिखे है। लेखक ने लिखा है कि इंफोसिस में काम करने वाले और अलकायदा में काम करने वाले अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध हैं। वर्ल्ड इज ब्लैक के लेखक टॉम्स फ्रीड मैन ने अपनी पुस्तक में आगे लिखा है कि इंफोसिस टेक्नोलॉजी और अलकायदा का अपना-अपना ग्लोबल नेटवर्क है। इतनी सारी समानता होने के बावजूद क्या दोनों को एक ही तराजू के पलड़ां पर तोलना चाहिए। इस सच्चाई को कोई नकार नहीं सकता है कि इंफोसिस के नौजवान जो कर रहे है वो समाज के लिए कल्याणकारी है जबकि अलकायदा के नौजवान जो कर रहे है वो समाज के लिए विनाशकारी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि ज्ञान, कल्याण के लिए हो विनाश के लिए नहीं। ज्ञान, शिक्षा, शोध ही पर्याप्त नहीं है संस्कार भी जरूरी है। संस्कार केवल गुरू दे सकता है। कहा, फ्रांस क्रांति के प्रोफेसर केन वेल्टेयर ने कहा था इस धरती पर जितना भी ज्ञान विज्ञान है वह गंगा क्षेत्रों से आया है। एप्पल के सीईओ स्टीव जाब्स ने फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग को सलाह दी थी शांति चाहिए तो भारत के नैनीताल स्थित नीम करोली बाबा आश्रम जाइए।

11 सितम्बर का दिन दुनिया के लिए अहम

गृह मंत्री ने कहा कि आज हम 11 सितम्बर को छत्रपति शाहू जी महाराज के मेधावी बच्चों को दीक्षांत समारोह कर रहे हैं। तो वहीं आज के ही दिन 11 सितंबर 2001 को संस्कार विहीन पेशेवरों ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला कर हजारों लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। इसके अलावा आज के ही दिन भारत के स्वामी विवेकानंद ने 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर पर धर्म संसद में पूरी दुनिया को अध्यात्म का संदेश दिया था। ऐसे में आज का दिन दुनिया के लिए अहम दिन है और लोगों को शांति और कल्याणकारी कार्यों पर अपनी दक्षता को लगाना चाहिये।

अफवाह है सेना में कटौती

दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में गृहमंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह अफवाह है और सेना में कटौती करने का सवाल ही नहीं है। यही नहीं मुझे इस पर किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हों। वहीं एससी-एसटी एक्ट के विरोध में हुए भारत बंद के सवाल व महंगाई के सवाल पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिये।


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