• संवाददाता, दिल्ली

2 साल, कई हादसे, भारतीय पुलों में क्या खराबी?


नई दिल्ली पश्चिम बंगाल के कोलकाता के माझेरहाट इलाके में मंगलवार को एक 40 साल पुराने पुल का हिस्सा टूटकर गिर गया। इस हादसे में पुल क्रॉस कर रहे एक मोटर साइकल चालक की मौत हो गई, वहीं तकरीबन 21 लोग अस्पताल में हैं। यह इस साल का दूसरा बड़ा पुल हादसा है, वहीं पिछले 2 सालों में ऐसे 4 बड़े पुल हादसे हो चुके हैं, फिर भी प्रशासन और सरकारों की नींद नहीं टूट रही। पुलों की खराब हालत के पीछे वजह कई हैं, लेकिन सबकी जड़ उनपर ध्यान ना देनेवाला प्रशासन ही है।

कब-कब हुए बड़े पुल हादसे माझेरहाट के हादसे से पहले इसी साल वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिर गया था। इसमें 18 लोगों की जान गई थी। इससे पहले 2016 में कोलकाता के विवेकानंद रोड पर ही निर्माणाधीन पुल गिरा था, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई थी। उसी साल मुंबई गोवा हाइवे पर ब्रिटिश जमाने का पुल टूटने से 22 लोगों ने जान गंवाई थी। खबरों के मुताबिक, माझेरहाट पुल की हालत बीते काफी वक्त से खराब थी। 2015 में भी इसको लेकर चेतावनी जारी हुई थी। देश के बाकी पुलों की हालत भी कोई बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। ऐसे कई पुल और फ्लाईओवर हैं जिनका हालत खस्ता है। 2017 में हुए एक सरकारी सर्वे में पता लगा था कि 23 नैशनल हाइवे 100 साल से ज्यादा पुराने हैं, 147 को जल्द मरम्मत की जरूरत है और 6,000 में ढांचागत गड़बड़ी हैं। इस सर्वे में 1.62 लाख पुलों को शामिल किया गया था।

कोलकाता में पुल गिरने के कारण हादसा पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में माझेरहाट पुल के गिरने के बाद हादसे की पहली तस्वीरें सामने आई हैं। हादसे के बाद पुल के नीचे कई लोगों के दबे होने की बात कही जा रही है, वहीं सीएम ममता बनर्जी ने हादसे की जांच के आदेश देते हुए राहत कार्यों के लिए अधिकारियों को हर संभव इंतजाम करने का निर्देश दिया है। मंगलवार शाम पुल गिरने की इस घटना के बाद मौके पर एनडीआरएफ, सेना, पुलिस और अन्य विभागों की टीमें राहत कार्य में जुटी हुई हैं।बता दें कि हादसे का शिकार हुआ माझेरहाट पुल यहां के सबसे व्यस्ततम पुलों में से एक है।घटना के बाद अब तक कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही कई लोगों के मलबे में होने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया है कि यह पुल बेहाना और इकबाल इलाके को आपस में जोड़ता है।हादसे के बाद सीएम ममता बनर्जी ने कहा है कि हमारी टीम का सारा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर है। जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन इस प्रक्रिया को बाद में पूरा किया जाएगा।माझेरघाट पुल हादसे में कई वाहनों पर पुल का हिस्सा गिरने के कारण बड़ा नुकसान हुआ है। हादसे में आधा दर्जन वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की बात कही जा रही है।कोलकाता की घटना के बाद पीएम मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मरम्मत न होने के चलते ही यह हादसा हुआ। हादसे के मामले पर बीजेपी और कांग्रेस के तीखे हमले झेल रही राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान ना दें।

क्या है समस्या पुलों को वक्त-वक्त पर ऑडिट और रखरखाव की जरूरत है। लेकिन प्रशासन का इस तरफ ध्यान ही नहीं है। नए पुलों का टेंडर देते वक्त भी इसको नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में यह आनेवाले वक्त में भी ऐसे हादसों को दावत देने जैसा है।


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