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अर्बन नक्सलवाद: क्या है माओवादियों की रणनीति


पुणे माओवादियों से कथित संबंधों के आरोप में मंगलवार को देशभर की अलग-अलग जगहों से पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया, इसके बाद 'अर्बन नक्सल' के बारे में जमकर चर्चा हो रही है। बता दें कि यह (अर्बन नक्सलवाद) माओवादियों की एक तरह की रणनीति होती है, जिसमें शहरों में नेतृत्व तलाशने, भीड़ जुटाने, संगठन बनाने और लोगों को इकट्ठा करके उन्हें तमाम चीजें सामग्रियों के साथ-साथ प्रशिक्षण देने का काम किया जाता है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 2004 में 'अर्बन पर्सपेक्टिव' नाम से आए एक दस्तावेज आया, जिसमें इस रणनीति की चर्चा की गई। इस रणनीति के तहत शहरी क्षेत्रों में नेतृत्व तलाशने की कोशिश की जाती है। इस बारे में सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि माओवादी शहरों में अपना नेतृत्व तलाश रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी के चलते माओवादी नेता अकसर पढ़े-लिखे होते हैं।

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यह है ताजा मामला बता दें कि मंगलवार को पुणे पुलिस ने जनवरी में भीमा-कोरगांव दंगों के मामले में वरवर राव, सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वेरनोन गोन्जाल्विस और अरुण परेरा को गिरफ्तार किया था। जून में भी इसी तरह पांच लोगों को भीमा-कोरेगांव से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों के पास से एक लेटर बरामद हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश की बात सामने आई।

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2004 के डॉक्युमेंट के मुताबिक में सामने आई रणनीति सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सीपीआई (माओवादी) अपने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग, नेतृत्व और अन्य कामों के लिए शहरों पर ध्यान दे रही है। 2004 में आए डॉक्युमेंट्स के मुताबिक, शहरों में स्थित पार्टी का काम है कि वह शहरी लोगों को इकट्ठा करे और नेतृत्व को एक दिशा दें। यहां यह भी जिक्र किया गया था कि इसमें मिडल क्लास कर्मचारियों, छात्रों, वर्किंग क्लास, बुद्धिजीवियों, महिलाओं, दलितों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों को जोड़ा जाए। इसी में संगठन को मजबूत करने के लिए इससे जुड़े संगठन तैयार करने की जरूरत को भी महत्वपूर्ण बताया गया।

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डॉक्युमेंट के मुताबिक, यह भी जरूरी है कि संगठन मजबूत करने के साथ-साथ इसे बड़ा भी बनाया जाए। इसमें यह भी बताया गया कि सभी सेक्युलर ताकतों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को 'हिंदू फासीवादी ताकतों' के खिलाफ खड़ा किया जाए। साथ ही साथ जरूरी सैन्य कार्रवाई को भी मुख्य बिंदु के रूप में बताया गया है। इसी में सैन्य रणनीति का भी जिक्र किया गया है, जिसके तहत गांवों में पहले छोटे मिलिट्री बेस बनाने और धीरे-धीरे शहर पर कब्जा करने जैसी साजिशों के बारे में बताया गया है।


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