• नई दिल्ली। आकांछा त्रिपाठी

भारत ने वापस की UAE से आई 700 करोड़ की आर्थिक मदद, पाकिस्तान ने भी बढ़ाये हाथ


नई दिल्ली। आकांछा त्रिपाठी केरल में विनाशकारी बाढ़ में अब तक 373 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई हैए जबकि कई लाख लोग बेघर हो गए हैं। सूबे के 3ए314 राहत शिविरों में करीब 12.10 लाख लोगों को रखा गया है। केंद्र सरकार के अलावा कई राज्य भी केरल को पूरी मदद दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त सांसदए विधायकए मंत्रीए न्यायाधीशए एक्टरए आम नागरिक और कई स्वयंसेवी संगठन भी केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे हैंण् पूरे हिंदुस्तान से केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए खाद्य सामग्री और पैसे भेजे जा रहे है पाकिस्तानी प्रधान मंत्री इमरान खान पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान ने केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद की पेशकश की है। ेेउन्होंने कहा कि पाकिस्तान संकट की इस घड़ी में भारत के साथ खड़ा है। इमरान खान ने ट्वीट कियाए श्पाकिस्तान की जनता की ओर से हम केरल बाढ़ में तबाह हुए लोगों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। हम केरल बाढ़ पीड़ितों की बेहतरी की भी कामना करते हैं। हम इस परिस्थिति में हर जरूरी मानवीय सहायता करने के लिए तैयार हैं।केरल में यह सदी की सबसे बड़ी आपदा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह खुद केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं। इस संकट की घड़ी में अब पाकिस्तान भी भारत की मदद करने की पेशकश की है। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात ;न्।म्द्ध भी केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद की पेशकश कर चुका हैए लेकिन भारत ने उसकी पेशकश को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया है । साल 2004 में आई सुनामी के बाद भारत सरकार की यह निति रही हैं की किसी भी प्राकृतिक आपदा में भारत सरकार किसी भी विदेशी आर्थिक मदद का सहारा नहीं लेगा। भारत विदेशों से आ रही मदद को विनम्रतापूर्वक वापस कर रहा हैं। केंद्रीय सरकार ने केरल सरकार को भी विदेशी रकम वापस लौटने को कहा हैं। वहींए केरल सरकार ने इस बाढ़ के लिए तमिलनाडु सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट में केरल सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे में कहा गया कि मुल्लापेरियार बांध में जल का स्तर बढ़ जाने के बाद अचानक पानी छोड़े जाने की वजह से यह बाढ़ आई है।


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