• रिषभ गर्ग, कानपुर

38 दिनों के जीवन में पूरे दिन हैलट में इलाज के बावजूद नही बची अज्ञात बालिका़


कानपुर। आज के युग में समाज में ऐसी घटनाएँ प्रकाश में आती रहती हैं जिसमे अपने सगे -संबंधी ही बच्चों को लोक लाज के चलते लावारिस हालात में छोड देते है इसी प्रकार का प्रकरण चाइल्डलाइन कानपुर में प्रकाश में आया जिसमें ंहमे आज समाज का अमानवीय चेहरा देखने को मिला जिसमें 05 दिन की बालिका को दिनंाक 23 जून 2018 को परिजनों द्वारा गोविन्दपुरी स्टेशन पर लावारिस हालत में छोड दिया गया था जिसको कि चाइल्डलाइन कानपुर द्वारा त्वरित रूप से हैलट हास्पिटल के बाल रोग विभाग में एडमिट कराया जहां के विभागध्यक्ष डा0 यशवंत राय की देखरेख में बालिका का इलाज चल रहा था। ज्ञातव्य हो कि बालिका के लिए गोविन्दपुरी स्टेशन पर तैनात चैकी इंचार्ज अमित भगवान स्वरूप बनकर आये। उन्होनें बालिका को लावारिस हालात में खजुराहो पैसेन्जर (ट्रेन सं0 54161) के कोच न0 13539 जो कि प्लेटफार्म न0 2 पर खडी थी जिसमें उन्होने बालिका को झोले में पडे देखा तो उनसे रहा न गया और उन्होने त्वरित चाइल्डलाइन कानपुर को सूचना दी । सूचना मिलते ही चाइल्डलाइन कानपुर की कार्यकत्री संगीता सचान व अमन पाण्डेय गोविन्दपुरी स्टेशन गए और बालिका को अपनी सुपुर्दगी में लिया और बालिका की हालत को देखते हुये चाइल्डलाइन टीम ने बालिका को हैलट अस्पताल में एडमिट कराया गया था। डाक्टरों के मुताबिक बालिका का वजन 1.5 किलोग्राम था। चाइल्डलाइन कानपुर के निदेशक कमलकान्त तिवारी ने बताया कि नवजात बालिका को उसकी मां व किसी अन्य के द्वारा लोकलाज के चलते त्याग कर दिया गया था जिसके साथ ही बालिका के बारे में बाल कल्याण न्यायपीठ को लिखित पत्र के माध्यम से सूचना दी जा चुकी है। उन्होने बताया कि बालिका परिजनों द्वारा गोविन्दपुरी स्टेशन पर लावारिस हालत में छोडने की सूचना मिलते ही चाइल्डलाइन द्वारा हैलट हास्पिटल के बाल रोग विभाग में एडमिट कराया गया था जहां उसका इलाज एन0आईसी0यू0 में चल रहा था लेकिन डाक्टरों द्वारा बालिका के जीवन को बचाने के लिए अपने पूरे प्रयास करने के बावजूद भी बालिका नही बच सकी और बालिका ने 38 दिन में हैलट में दम तोड दिया । साथ ही बताया कि बालक की मृत्यु की सूचना किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं सरंक्षण अधिनियम 2016) के आदर्श नियम 2016 की धारा 75 की उपधारा 1, 2, 3 व 7 के अंर्तगत बालक के मृत्यु के सम्बन्ध में समस्त प्रक्रिया सुनिश्चित की जा चुकी है।जिसके साथ ही बालिका की मृत्यु सम्बन्धित सूचना बाल कल्याण अधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी को दी जा चुकी हे। चाइल्डलाइन कानपुर के समन्वयक विनय कुमार ओझा ने बताया कि बाबूपुरवा पुलिस द्वारा अज्ञात बालिका का पोस्टमार्टम व बालिका का हिन्दु विधि के अनुसार दाह संस्कार किया गया जिसमें चैकी इंचार्ज हरीशंकर, कान्सटेबल संदीप कुमार,होमगार्ड संजय कुमार, चाइल्डलाइन के टीम सदस्य गौरव सचान, अमन पाण्डेय उपस्थित रहे जिसके साथ ही संस्था द्वारा शोक संवेदना व्यक्त की।


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