• अजय नौटियाल, नई दिल्ली

इनकम टैक्स ऐक्ट के तहत ये हैं आमदनी के पांच स्रोत


नई दिल्ली इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की मियाद 31 जुलाई को खत्म हो जाएगी। उसके बाद 10 हजार रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि वक्त पर अपना आईटीआर भर दें। इसके लिए नवभारतटाइम्स.कॉम सभी बारीकियों पर विस्तार से चर्चा कर रहा है। आइए आज जानते हैं कि आयकर कानून के तहत आमदनी के कौन-कौन से साधन माने गए हैं... 1. इनकम फ्रॉम सैलरीज (वेतन मद से आय) इनकम फॉर सैलरीज यानी वेतन से हुई आय के तहत मजदूरी (वेज), एन्युइटी, पेंशन, ग्रैच्युइटी, फीस, कमीशन, मुनाफा, छुट्टी की जगह नकदी (लीव एनकैशमेंट), ऐनुअल एक्रीशन, मान्यता प्राप्त प्रविडेंट फंड में जमा की गई रकम और कर्मचारियों के पेंशन खाते में आपकी ओर से किया गया योगदान। 2. इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी (मकान किराए से आय) एंप्लॉयी जिस मकान में रह रहा है, उसे छोड़कर मालिकाना हक वाले अन्य मकान के किराए से हो रही आमदनी को हाउस प्रॉपर्टी से इनकम माना जाता है। अगर मकान खाली है यानी उसमें कोई किराएदार नहीं है तो एक अनुमानित आय इनकम में जोड़ी जाती है। 3. इनकम फ्रॉम बिजनस ओर प्रफेशन (कारोबार या सेवा व्यवसाय से आय) किसी कारोबार या सेवा व्यवसाय से किसी तरह का मिला ब्याज, कंपनी के पार्टनर को मिली सैलरी या बोनस आदि इनकम फ्रॉम बिजनस ओर प्रफेशन यानी कारोबार या सेवा व्यवसाय से आय कहलाती है। 4. इनकम फ्रॉम कैपिटल गेंस (पूंजीगत लाभ से आय) कैपिटल गेंस से हुई आमदनी के तहत कोई पूंजीगत संपत्ति (कैपिटल ऐसेट्स) की बिक्री से प्राप्त कैपिटल गेंस की रकम आती है। इसमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म, दोनों तरह के कैपिटल गेंस शामिल हैं। 5. इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज (अन्य स्रोतों से आय) बैंक डिपॉजिट और सिक्यॉरिटीज पर मिला ब्याज, शेयरों पर मिले डिविडेंड (लाभांश), रॉयल्टी इनकम, लॉटरी और रेस जीतने या और उपहार (गिफ्ट) से मिली रकम इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज (अन्य स्रोतों से हुई आय) माना जाता है।


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