• राजेश तिवारी

कुल्फी कुमार बाजेवाला: कुल्फी सिकन्दर को लवली का बर्थडे याद दिलाती है


'कुल्फी कुमार बाजेवाला' की शुरुआत में सिकन्दर म्यूज़िक रूम में है और कुल्फी पूछती है कि क्या वह कुछ सोच रहे...फिर वह कहती है मैं आपको परेशान नहीं करूंगी और मैं कुछ सोच रही, यह कहकर वह चली जाती है। लवली अपने रूम में है और रोबॉट वहां आता है तो लवली हैरान हो जाती है। कुल्फी वहां आती है और माफी मांगती हुई कहती है कि मुझे नहीं पता यह यहां कैसे आ गया। लवली कहती है कि ये तो अमायरा के हैं तो कुल्फी कहती है कि अमायरा ने ही उसे दिए। लवली कहती है कि सॉरी कुल्फी मैं तुम्हें कल नई लाकर दूंगी। कुल्फी कहती है कि इन खिलौनों को बुरा फील नहीं कराना चाहिए और मुझे नई नहीं चाहिए, मुझे इनसे ही दोस्ती हो गई है। फिर वह कमरे से चली जाती है। सिकन्दर कुल्फी से पूछती है कि वह क्या कर रही तो कुल्फी कहती है कि वह उनकी तरह सोचने की कोशिश कर रही। सिकन्दर पूछता है कि क्या दिक्कत है तो कुल्फी कहती है कि कल लवली मैम का बर्थडे है। सिकन्दर कहता है कि ओह, मैं बेवकूफ हूं, मैं भूल गया था। कुल्फी कहती है कोई बात नहीं अब आप पार्टी कर सकते हो। सिकन्दर कहता है कि मां की तबीयत तो ठीक नहीं। कुल्फी कहती है कि यदि पार्टी होगी तो दादी बहुत खुश होंगी और वह जल्दी ठीक हो जाएंगी। सिकन्दर कहता है कि तुम इतनी होशियार कैसे हुई। सिकन्दर लवली के पास जाता है और एक बार फिर बर्थडे भूल जाने के लिए सॉरी कहता है। वह कहता है कि बताओं मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूं। उसे परेशान देखकर वह पूछता है कि वह अपसेट क्यों है? लवली कहती है कि कुछ भी नहीं हुआष सिकन्दर कहता है कि मां-पापा सही हैं, उनसे बात करो फोन लगाओ। लवली कहती है कि उन्होंने लाइन पार कर दी है और वह इस टॉपिक पर बात करना नहीं चाहती। वह उसे ऐल्बम के लिए पूछती है तो सिकन्दर बताता है कि अभी नहीं तैयार हुआ। लवली उसे हार न मानने की सलाह देती है और कहती है कि हमें डैड को खुद को साबित करके दिखाना है क्योंकि उन्होंने गलती की है और मैं तुम्हारे साथ हूं। सिकन्दर अपनी पुरानी डायरी ढूंढता है जिसमें गाने लिखे थे। महिन्दर बोलता है कि बताओ मैं ढूंढता हूं वह डायरी औत सिकन्दर निमरत को याद करता है और कहता है कि अब उस डायरी को पाना पॉसिबल नहीं। लवली कुल्फी के कमरे में जाती है और डायरी के पास खिलौना रखकर चला जाती है। सिकन्दर कहता है कि मैंने उसे बहुत दुख दिया, हो सकता है कि उसने जला डाला हो, काश कि मैं उससे पूछ सकता। महिन्दर सोचता है कि वह तुमसे काफी दूर है और तुम उसे देख तक नहीं सकते। तेवर मंदिर में पूजा करवा रहा और वहां कुल्फी पहुंच जाती है। कुल्फी देखती है कि वह पंडित के पैर धो रहा और पूजा करता है। वहां लोग कहते हैं कि पार्वती नहीं आएगी और अब कोई गाना नहीं गाएगा। वह कहता है कि मैं मैंने 500 रुपए उसे दिए थे, कुल्फी उसके पास जाती है और कहती है कि मैं आपकेलिए गाना गाऊंगी। वह कहती है उसे इस गाने के 100 रुपए चाहिए। पंडित कहता है कि हमें लड़की की जरूरत है लड़के की नहीं।


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