• रवि कुमार राठौर,कानपूर

कानपुर देहात- गांव में सफाई व्यवस्था ध्वस्त कचरे से भरी नालियां


गांव में कोई सफाईकर्मी नहीं, गंदगी का अंबार, बारिश में होगी परेशानी

रसूलाबाद, कानपुर देहात, संवाददाता।

ग्राम समायूं और पोवा में सफाई न होने से सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगने व नालियां कीचड़ से भरने पर नाराज ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया यहां सफाई कर्मचारी की तैनाती है लेकिन वह कभी नहीं आता है। एक साल से अधिक का समय हो गया है पर गांव में झाड़ू तक नहीं लगी है। नालियां कीचड़ से भरी हैं। बरसात के इस मौसम में गंदगी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर व गंदगी परेशानी का सबब बन चुकी है। घरों से निकलने वाला दूषित पानी नालियों के ऊपर से बह रहा है। आवाजाही में भी समस्या है। गांव के राम नरेश सिंह, आशीष सिंह, श्याम सुन्दर यादव, अखिलेश राठौर, रामू प्रजापति, सूरज राठौर ने बताया कि दो साल से सफाई व्यवस्था चैपट है। सफाईकर्मी कभी-कभी आया लेकिन अब झांकने नहीं आ रहा है। इससे समस्याएं बढ़ रही हैं।

चोक नालियां व जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर स्वच्छता मिशन को मुंह चिढ़ा रहे हैं। ग्रामीण चोक पड़ी नालियों को स्वंय साफ करते हैं। यहां तैनात सफाई कर्मी नजर नही आता है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। एक ओर स्वच्छता अभियान चलाकर गांवों की साफ-सफाई की जा रही है, लेकिन यहां कूड़ा जमा रहता है। नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है। डायरिया के अलावा मच्छरजनित बीमारियों से लोगों को खतरा बना है।

ग्राम समायूं एवं पोवा, ब्लाक रसूलाबाद, कानपुर देहात में कोई भी सफाईकर्मी तैनात नहीं है। ग्र्राम प्रधान को कोई मतलब नहीं नाली की सफाई से पूरे गांव में गंदगी फैली हुई है। स्वच्छ भारत अभियान राष्ट्रीय स्तर का अभियान है लेकिन ग्राम प्रधान के साथ ब्लाक रसूलाबाद के अधिकारी इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे है। गांव में मुख्य मार्ग सहित गलियों की नालियां चोक पड़ी हैं। पूरी नाली में कचरा भरा दिखाई दे रहा है। बारिश का मौसम शुरू है। लेकिन पंचायत ने नाली सफाई कराना उचित नहीं समझा। नाली का पानी मार्ग पर आ जाता है। ग्रामीणों ने बताया कई बार ग्राम प्रधान से नाली सफाई की मांग कर चुके है। लेकिन एक-दो दिन का कहकर टाल देते हैं।

पूरे देश में सफाई का कार्य बड़े स्तर पर जोर-सोर पर चलाया जा रहा है। मगर शासन व प्रशासन के अधिकारियों का ध्यान गांवों की तरफ अग्रसर नहीं हुआ है। यहीं कारण है कि गांव में पानी निकासी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जबकि सफाई अभियान का कार्य गांवों में प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए तमाम शासकीय व निजी संस्थाएं कार्य कर रही हैं। जिसके तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया जाता है। मगर दूसरी तरफ खुद प्रशासन की ओर से सफाई के कार्य में लापरवाही बरती जाती है। जिसका ही नतीजा है कि ग्राम समायूं एवं पोवा की गलियों में निकासी की असुविधा के साथ सड़कों पर हो रहा जलभराव लोगों में गंभीर बीमारियों का कारण बनता जा रहा है।

गांव में गंदगी के कारण आमजन का जीना मुहाल है। सफाई न होने के कारण यहां की नालियां बंद पड़ी हैं। इस कारण नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। नालियों का गंदा पानी जमा होने से मच्छर पनपने लगते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। वहीं लोगों को मजबूरी में इस गंदे पानी से होकर ही आवाजाही करनी पड़ रही है।

ग्राम समायूं निवासी रवि कुमार राठौर गांव की समस्या को लेकर काफी प्रयास करते रहते है शासन से लेकर प्रशासन तक गांव के विकास के लिए सदैव तत्पर रहते है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षो से गांव की मूलभूत समस्याओं को उठा रहे है। लेकिन विकास को गति ने देकर अधिकारियों के द्वारा बराबर गुमराह किया जा रहा है। रवि ने बताया ग्राम समायूं एवं कहिजंरी खुर्द, पोवा के लिए सैकड़ों पत्राचार प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री जी तक को कर चुके है। लेकिन कागजी मैट्रो दौड़ रही है जमीनी स्तर पर प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय स्तर के अभियान ’’स्वच्छ भारत अभियान’’ को भी ग्राम प्रधान पलीता लगा रहे है। ग्राम प्रधान जगदीश राजपूत से कई बार कहा लेकिन उन्होंने टाल मटोल भरा जवाब दिया।

नालियों में कचरा सफाइकर्मी गांव से नदारद के बारे में जब हमारे संवाददाता ने ग्राम प्रधान समायूं जगदीश राजपूत से बात की तो उन्होंने बताया 6 माह से सफाईकर्मी नियुक्त नहीं है। इस कारण से गंदगी है लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई उपाय नही बताया और शिकायत को किससे किया जाये उल्टा यह सवाल खुद कर रहे और बोले डीएम साहब को प्रार्थना पत्र दे दे क्या। वहीं ग्राम समायूं के पूर्व प्रधानपति श्याम सुन्दर यादव ने बताया कि ग्राम में पिछले एक वर्ष से कोई भी सफाईकर्मी नियुक्त नहीं है। गंदगी का भयंकर अंबार है। ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्राम समायूं निवासी आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधान को यही नहीं मालुम प्रधान होता क्या है उन्हे अभी तक यह जानकारी नहीं इस समस्या से निजात पाने के लिए क्या करना चाहिए। ग्राम समायूं निवासी अखिलेश राठौर ने बताया सफाईकर्मी की ग्राम प्रधान के साथ तगड़ी साठ-गांठ है गांव मे गंदगी के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़क पर ही बहता रहता है, लेकिन विभाग सब कुछ जानते हुए भी अंजान है।

ग्राम प्रधान कहिंजरी खुर्द योगेश सिंह से जब हमारे संवाददाता ने बात की तो उन्होंने बताया 2 सफाईकर्मी की आवश्यकता है लेकिन एक माह से कोई सफाईकर्मी नहीं है, गांव पोवा राजस्य गांव में नही होने के कारण वहां सफाईकर्मी नहीं है। इसकी शिकायत एडीओ पंचायत, रसूलाबाद से की तो उन्होंने जल्द से जल्द सफाईकर्मी की तैनाती कराने का आश्वासन दिया है। वहीं ग्राम पोवा निवासी राम नरेश सिंह ने बताया घर के दरवाजे के सामने की नाली को स्वयं से साफ कर रहे है। गंदगी के बारे में ग्राम प्रधान योगेश सिंह से कहकर थक चुके है।


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