• संवाददाता

कैंसर से जूझ रहीं सोनाली बेंद्रे, न्यू यॉर्क में चल रहा इलाज


आज अपने सोशल पोस्ट के जरिए बॉलिवुड ऐक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे ने खुद को कैंसर जैसी बीमारी के चपेट में आने की बात कहकर हर किसी को चौंका दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि हल्का सा दर्द होने पर उन्होंने जब टेस्ट करवाया तो पता चला कि उन्हें हाई ग्रेड मैटास्टैटिक कैंसर है। फिलहाल उनका इलाज न्यू यॉर्क में चल रहा है। आगे जानें, और कौन-कौन से स्टार्स लड़े हैं इस बीमारी से। (Pic courtesy: कैंसर से जूझ रही हैं 'सरफरोश की ऐक्ट्रेस सोनाली बेंद्रें इसी साल मार्च में बॉलिवुड में तब हलचल सी मच गई, जब ऐक्टर इरफान खान ने कैंसर की बीमारी से जूझने का खुलासा किया। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर एक स्टेटमेंट जारी करते हुए बताया कि उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर है। फिलहाल अपनी इस बीमारी के इलाज के लिए इरफान लंदन में हैं। फिल्म डायरेक्टर अनुराग बासु भी कैंसर की चपेट में आ चुके हैं। साल 2004 में उन्हें अपनी इस बीमारी ( acute promyelocytic leukaemia)का पता चला जो ब्लड कैंसर का ही एक प्रकार है। कहते हैं डॉक्टरों ने उन्हें यहां तक कह दिया था कि वह बस कुछ ही महीनों के मेहमान हैं, लेकिन उन्होंने मौत से यह जंग जीत ली और आज बिल्कुल स्वस्थ हैं। इसके लिए उन्होंने 3 साल तक लड़ाई लड़ी और कैंसर से उबर गए। म्यूजिक की दुनिया के फेमस कम्पोजर और सिंगर आदेश श्रीवास्तव की मौत कैंसर की वजह से हुई। 5 सितम्बर 2015 को उनका निधन हो गया और महज 40 दिन ही वह कैंसर से लड़ सके थे। 60 के दशक की खूबसूरत ऐक्ट्रेस मुमताज पर भी कैंसर का हमला हुआ। तब 54 साल की थीं मुमताज, जब उन्हें पता चला कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है। लंबे समय तक उनका ट्रीटमेंट चला और सर्जरी हुई। आज 70 साल की उम्र तक पहुंच चुकी हैं मुमताज और पूरी तरह से स्वस्थ हैं। बॉलिवुड ऐक्ट्रेस मनीषा कोईराला की जिन्दगी में भी इस बीमारी ने दस्तक दी। साल 2012 में जब वह 42 साल की थीं, तब उन्हें कैंसर का पता चला। उन्हें ओवेरियन कैंसर हुआ था। कई तरह की सर्जरी, कीमो थेरपी के बाद साल 2015 में वह इस बीमारी से फ्री हो गईं। हालांकि, उनका मानना है कि जिस तरह का कैंसर उन्हें हुआ था उसके वापस होने का खतरा हमेसा रहता है और इसलिए वह हमेशा अपनी हेल्थ को लेकर सजग रहती हैं। बॉलिवुड ऐक्ट्रेस लीज़ा रे भी कैंसर की जंग लड़ चुकी हैं। साल 2009 में उन्हें ब्लड कैंसर का पचा चला। उन्हें मल्टिपल मायलोमा हुआ था, जिसमें कैंसर बोन मैरो में वाइट ब्लड सेल्स पर अटैक करता है। कहा जाता है कि इस तरह के कैंसर ट्रीट तो किए जा सकते हैं, लेकिन यह जड़ से खत्म नहीं होता। साल 2009 में उन्होंने स्टेम सेल ट्रांसप्लांट करवाया और साल 2010 में उन्हें इस भयानक बीमारी से छुट्टी मिल गई। आज लीजा एक नॉर्मल लाइफ जी रही हैं। बॉलिवुड के हैंडसम ऐक्टर्स में से एक विनोद खन्ना का पिछले साल कैंसर की वजह से निधन हो गया। 70 और 80 के दशक में फिल्मी पर्दे पर राज करने वाले विनोद खन्ना अडवांस ब्लैडर कैंसर से पीड़ित थे। लंबे समय से वह बीमार चल रहे थे।

उन्होंने इंस्टा पोस्ट पर अपनी इस बीमारी का जिक्र करते हुए कहा है, 'कभी-कभी जब आपको जरा भी उम्मीद नहीं होती जिंदगी अचानक आपको अजीब से मोड़ पर लाकर खड़ा कर देती है। हाल ही में मुझे हाई-ग्रेड मेटास्टैटिक कैंसर डायग्नोज हुआ है, जिसके बारे में वाकई में हमें पता तक नहीं चला। हल्के दर्द के चलते कुछ टेस्ट करवाए, जिससे ऐसी रिपोर्ट आई जिसकी उम्मीद तक नहीं थी। मेरा परिवार और मेरे दोस्त मेरे चारों तरफ मजबूती से खड़े हैं और पूरा साथ दे रहे हैं। मैं बहुत खुशकिस्मत और उन सबकी आभारी हूं।'

सोनाली बेंद्रे को हुआ मेटास्टैटिक कैंसर, जानें क्या है बीमारी

कैंसर से जूझ रही हैं 'सरफरोश की ऐक्ट्रेस सोनाली बेंद्रें

सोनाली बेंद्रे को हुआ मेटास्टैटिक कैंसर, जानें क्या है बीमारी

सावधानी बरतकर खुद को कैंसर से बचाएं पहले इरफान खान और अब सोनाली बेंद्रे। ये घटनाएं बताती हैं कि कैंसर दुनियाभर में कितनी तेजी से फैल रहा है। देश में हर साल 14.5 लाख कैंसर के नए मामले सामने आते हैं। लेकिन लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव, समय पर जांच और सही इलाज से कैंसर पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। यही नहीं, थोड़ी कोशिश और सावधानी बरतकर कैंसर से बचाव भी काफी हद तक मुमकिन है... पुरुषों में कैंसर के करीब 60 फीसदी मामले मुंह और गले के कैंसर के होते हैं और इसके बाद आता है फेफड़ों का कैंसर। इन तीनों ही कैंसर की सबसे बड़ी वजह तंबाकू है। कैंसर के कुल 40 फीसदी मामले तंबाकू की वजह से होते हैं, फिर चाहे पीनेवाला तंबाकू (सिगरेट, बीड़ी, हुक्का आदि) हो या फिर खाने वाला (गुटखा, पान मसाला आदि)। अगर आप खुद बीड़ी-सिगरेट नहीं पीते, लेकिन आपके आसपास कोई पीता है तो भी आपको उसके धुएं से खतरा है। स्मोकिंग से फेफड़े, गले, प्रोस्टेट, किडनी, ब्रेस्ट और सर्विक्स कैंसर के आसार बढ़ जाते हैं।

ज्यादा शराब पीना भी खतरनाक है। रोज दो से ज्यादा पेग लेने से मुंह, खाने की नली, गले, लिवर और ब्रेस्ट कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। ऐल्कॉहॉल और साथ में तंबाकू का सेवन कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। इसलिए बीड़ी/सिगरेट के साथ शराब भी पीने वालों के लिए कैंसर का खतरा काफी ज्यादा होता है। कोई भी शख्स दिन भर में एक पेग से ज्यादा न ले।

शहरों में बढ़ता प्रदूषण भी शरीर को वही नुकसान पहुंचा रहा है, जैसा बीड़ी-सिगरेट का धुआं पहुंचाता है। हवा में तय से मात्रा से ज्यादा नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, ओजोन और लेड जैसी चीजें मौजूद हैं जो हमारे शरीर में कैंसर पैदा करने वाले केमिकल बना रही हैं। ये हमारे रेस्पिरेटरी सिस्टम के लिए खतरनाक है और आगे जाकर फेफड़ों के कैंसर की वजह बन सकते हैं। प्रदूषण से बचने के लिए सर्दियों में सुबह ज्यादा स्मॉग के वक्त बाहर न निकलें। अगर निकलना ही पड़े तो मास्क लगा कर निकलें। मास्क ऐसा हो, जिसकी रेटिंग N95 हो और सही से फिट होता हो।

अगर किसी के शरीर में फैट बढ़ जाता है तो उसका वजन बढ़ जाता है। इस फैट में मौजूद एंजाइम मेल हॉर्मोन को फीमेल हॉर्मोन एस्ट्रोजिन में बदल देते हैं। फीमेल हॉर्मोन ज्यादा बढ़ने पर ब्लड कैंसर, प्रोस्टेट, ब्रेस्ट कैंसर और स‌र्विक्स (यूटरस) कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। हाई कैलरी, प्रीजर्व्ड या जंक फूड, नॉन-वेज ज्यादा लेने से समस्या और बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए पुरुषों को अपनी कमर का घेरा 40 इंच (102 सेमी) और महिलाओं को 35 इंच (88 सेमी) तक या इससे कम रखना चाहिए।

अमेरिका के फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने माना है कि सभी तरह की प्लास्टिक एक वक्त के बाद गर्म करने पर केमिकल छोड़ने लगते हैं। बार-बार गर्म करने से प्लास्टिक कंटेनर्स के केमिकल्स टूटने शुरू हो जाते हैं और फिर ये खाने-पीने की चीजों में मिल जाते हैं। नतीजन गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने से यह कैंसर का कारण बन सकता है। खाने की चीजों को भी गर्म होने पर प्लास्टिक कंटेनर में न रखें।

हेपटाइटिस बी, हेपटाइटिस सी, एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) जैसे इन्फेक्शन कैंसर की वजह बन सकते हैं। हेपटाइटिस सी के इन्फेक्शन से लिवर का कैंसर और एचपीवी से महिलाओं में सर्वाइकल और पुरुषों में मुंह का कैंसर हो सकता है। ये दोनों वायरस असुरक्षित सेक्स संबंधों से फैलते हैं। सेक्सुअल रिश्तों में सफाई और ईमानदारी बरतने से सर्वाइकल कैंसर की आशंका कम हो जाती है। वैक्सीन लगवाकर भी इन वायरस को फैलने से रोका जा सकता है।

एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड आदि की रेडियोऐक्टिव किरणें हमारे शरीर में पहुंचकर सेल्स की केमिकल गतिविधियां बढ़ा देती हैं जिससे स्किन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप अलग-अलग डॉक्टरों से इलाज कराते हैं और हर डॉक्टर अलग एक्सरे कराने के लिए कहे, तो डॉक्टर को जरूर बताएं कि आप पहले कितनी बार एक्स-रे करा चुके हैं। रेडिएशन से अगर कैंसर का इलाज होता है तो रेडिएशन से कैंसर का खतरा भी होता है। इसी तरह, बहुत ज्यादा देर तक सूरज की किरणों में लेटने-बैठने से बचें।

पैरंट्स या दादा-दादी, नाना-नानी आदि को कैंसर हुआ है तो अगली पीढ़ी को कैंसर होने के चांस करीब 10 फीसदी तक बढ़ जाते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि अगर मां या बाप को कैंसर हुआ है तो बच्चे को होगा ही। ब्रेस्ट, ओवेरियन और प्रोस्टेट जैसे कुछ कैंसर माता-पिता से बच्चों में आ सकते हैं लेकिन बेहतर लाइफस्टाइल अपनाकर 10 में से 4 कैंसर को रोका जा सकता है। जिनकी मां या नानी को सर्वाइकल कैंसर हुआ है, वे महिलाएं 25-30 साल की उम्र में टेस्ट कराएं।

रोजाना कम-से-कम 30 मिनट एक्सर्साइज जरूर करें। हालांकि 45-60 मिनट एक्सर्साइज करना बेहतर है। इसमें कार्डियो एक्सर्साइज ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग, साइक्लिंग, स्विमिंग आदि को जरूर शामिल करें। बच्चों और युवाओं को हर दिन कम-से-कम 1 घंटा खेल-कूद करना चाहिए। हर हफ्ते सवा तीन घंटे दौड़ लगाने या 13 घंटे पैदल चलने वाली महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की आशंका 23 फीसदी कम होती है। लंबे समय तक बैठे-लेटे या घंटों टीवी, कंप्यूटर या फोन से चिपके रहने से परहेज करें।

कैंसर से बचे रहना चाहते हैं तो खुश रहें। बाहर की दुनिया में हालात कैसे भी हों, उदास, दुखी, पीड़ित-चिंतित न हों। ऐसी मनोस्थिति अक्सर बन जाती है। ऐसे में इससे जल्दी से जल्दी बाहर आने की कोशिश करें। कुछ देर या एक-दो दिन दुखी रहने से कुछ खास फर्क नहीं पड़ता। अगर यह स्थिति हफ्तों, महीनों तक खिंच जाए तो इंसान के भीतर जीने की इच्छा खत्म हो जाती है। ऐसे में शरीर ऐसे रसायन छोड़ता है जो कैंसर को जन्म दे सकते हैं। उन्होंने आगे लिखा है, 'इससे निपटने के लिए तुरंत ऐक्शन लेने से बेहतर कोई तरीका नहीं था। इसलिए अपने डॉक्टरों की सलाह पर मैं न्यू यॉर्क में इलाज करवा रही हूं। हम सकारात्मक रहें और मैं हर कदम पर लड़ने को तैयार हूं। मुझसे जिससे बहुत मदद मिली वह बीते कुछ सालों में मिलने वाला प्यार और सपॉर्ट है, जिसके लिए मैं आभारी हूं। मैं इस जंग में आगे बढ़ रही हूं यह जानते हुए कि मेरे पीछे मेरे परिवार और दोस्तों की ताकत है।' उन्होंने अपने इस पोस्ट को जरिए यह भी कहा है कि उन्हें वह इस लड़ाई से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। फिल्म 'कल हो न हो', 'हम साथ साथ हैं', 'सरफरोश', 'मेजर साब', 'हमारा दिल आपके पास है' जैसी फिल्मों में काम कर चुकीं सोनाली टीवी शो इंडियाज़ बेस्ट ड्रामेबाज में बतौर जज काम कर रही थीं, लेकिन हाल ही में उनकी जगह हुमा कुरैशी को रिप्लेस किया गया था।

उधर, बॉलिवुड जगत भी सोनाली के कैंसर की खबर से शॉक्ड है और उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं। नेहा धूपिया ने कहा, यह भी खत्म हो जाएगा... आप अद्भुत महिला हो जिसमें अपार ताकत है। हमारी तरफ से ढेर सारा प्यार... सबकुछ ठीक हो जाएगा। वहीं, अर्जुन कूपर ने अपने संदेश में कहा- 'इस बास्टर्ड से लड़ो सोनाली, इसे जीतने मत देना!!'

विवेक ओबरॉय ने भी सोनाली के जल्दी ठीक होने की कामना करते हुए कहा, 'मुझे पता है आप बेहद मजबूत महिला हो। मैं आपसे प्रेरणा लेता हूं, आदर करता हूं कि कैसे आप मुश्किल में भी डटी रहती हो और जीत जाती हो। आप वंडर वुमन हो! लेखक, ऐक्टर, मां, पत्नी। सबके लिए प्रेरणा। कैंसर पक्का हार जाएगा। हमारा प्यार और प्रार्थना आपके साथ हैं।'

आपको बता दें कि इस साल की शुरुआत में बॉलिवुड के बेहतरीन ऐक्टरइरफान खान को कैंसर होने की खबर आई थी। इरफान को न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर है जिसका इलाज लंदन में चल रहा है।


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