• संवाददाता

गैरकरनूनी ढंग से गोद लेने और चाइल्डलाइन को बच्चा सुपुर्दगी देने मे रोडा अटकाने वालों के खिलाफ मुकदम


कानपुर।

गायत्री हास्पिटल हंसपुरम नौबस्ता कानुपर में दिनांक 12 जून 2018 से भर्ती बालिका जो कि गणेशपुर चकेरी क्षेत्र से मिली थी जिसको कि एक निर्दयी मां ने अपने ही कलेजे के टुकडे नवजात बालिका को चकेरी के गणेशपुर इलाके में झाडियों में मरने के लिए लावारिस छोड़ दिया। जिसकों कि चाइल्डलाइन द्वारा गायत्री हास्पिटल हंसपुरम नौबस्ता कानुपर में भर्ती कराया गया था जिसके स्वस्थ होने पर आज दिनांक 19.06.2018 को बाल कल्याण समिति कानपुर नगर के आदेश की प्राप्ति स्पीड पोस्ट (ईएमएस ईयू 391126094 आईएन) से होने पर चाइल्डलाइन समन्वयक विनय कुमार ओझा व टीम सदस्य गौरव सचान हास्पिटल पहुचे और थाना नौबस्ता व पुलिस चैकी हंसपुरम को सूचित किया जिस पर चैकी से एस.आई. राम कृष्ण मिश्रा व राम कुमार शुक्ल व 04 सिपाही अस्पताल आये और चाइल्डलाइन व पुलिस के द्वारा शालू यादव पत्नी शैलेन्द्र यादव निवासी 26 यू.ही. ग्रीन सिटी कोयला नगर थाना चकेरी कानपुर व उनके रिश्तेदार दीपक राजपूत व दीपक यादव इत्यादि को बाल कल्याण न्यायपीठ के आदेश का हवाला देते हुए बालिका को चाइल्डलाइन के संरक्षण में देने की बात कही तो उनके द्वारा आदेश की अवहेलना करते हुए बच्चे को किसी को भी न देने की बात कही जिसके साथ ही उनके द्वारा चाइल्डलाइन कार्यकर्ताओं को मारने की धमकी दी गई। चाइल्डलाइन कानुपर के समन्वयक विनय कुमार ओझा ने बताया कि प्रबन्धक डा0 वी0के0साहू द्वारा पत्र के माध्यम से बच्ची की सुरक्षा की दृष्टि से भी संरक्षण में देने की भी बात कही लेकिन शालू यादव व उनके रिश्तेदारों ने हास्पिटल में विभिन्न दलों के दर्जनों लोगों को एकत्रित कर लिया और बच्ची को चाइल्डलाइन के सुपुर्द करने से साफ इन्कार कर दिया जबकि चाइल्डलाइन कार्यकर्ताओं ने गैरकानूनी गोद लेने से होने वाली कानूनी कार्यवाही के बारे भी अवगत कराया तो सभी उग्र होने लगे जिस पर चाइल्डलाइन कार्यकर्ता पुलिस के सहयोग से वहां सुरक्षित निकल आये। चाइल्डलाइन के निदेषक कमलकान्त तिवारी ने बताया कि किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं सरंक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 80 के अन्र्तगत यदि कोई व्यक्ति या संगठन किसी अनाथ, परित्यक्त किए गए या अभ्यर्पित किए गए किसी बालक को इस अधिनियम में यथा उपबंधित उपबंधों या प्रक्रियाओं का अनुसरण किए बिना दत्तक ग्रहण करने के प्रायोजन के लिए प्रस्थापना करता है, उसे देता है या प्राप्त करता है, तो ऐसा व्यक्ति या संगठन दोनो में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि 03 वर्ष तक की हो सकेगी या 01 लाख रूपये के जुर्माने से या दोनो से ,दण्डनीय होगा। साथ ही उन्होने बताया कि नवजात बालिका को गैरकानूनी ढंग से गोद लेने वाले शालू यादव व उनके परिजनों इत्यादि के खिलाफ किशोर न्याय (बालको की देखरेख एवं सरंक्षण) अधिनियम 2015 की धारा 80 व धमकी देने व सरकारी काम में बाधा डालने वालों के विरूद्ध भारतीय दंड सहिंता की धाराओं में कार्यवाही करने हेतु मा0 बाल कल्याण न्यायपीठ को कार्यवाही की अपील की है जिसके साथ ही मा0 संयुक्त निदेशक, केन्द्रिय दत्तक ग्रहण अभिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, नई दिल्ली, मा0 निदेशक, महिला कल्याण निदेशालय, लखनऊ, उ0प्र0, मा0 जिलाधिकारी, कानपुर नगर , मा0 जिला प्रोबेशन अधिकारी कानपुर नगर, मा0 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कानपुर नगर से विधिक कार्यवाही हेतु शिकायत की गई है ।


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